जयपुर: राजस्थान सरकार के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार राज्य की उन पंचायत समितियों का कार्यकाल 11 दिसंबर 2025 को समाप्त हो रहा है, जिनके नए चुनाव विभिन्न कारणों से समय पर संपन्न नहीं हो पाएंगे। ऐसी स्थिति में संबंधित जिलों के जिला कलेक्टरों द्वारा नियुक्त उपखंड अधिकारियों को प्रशासनिक जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
यह निर्णय राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 95 और धारा 101 के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए लिया गया है। अधिसूचना में बताया गया है कि चुनाव आचार संहिता प्रभावी होने एवं चुनाव कार्यक्रम घोषित होने तक प्रशासनिक व्यवस्था सुचारू रखने के उद्देश्य से यह व्यवस्था लागू होगी।
अधिसूचना के अनुसार, जिला कलेक्टर उन पंचायत समितियों में प्रशासन अधिकारी नियुक्त करेंगे जिनका कार्यकाल समाप्त हो चुका है। यह व्यवस्था नए निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के पदभार ग्रहण करने तक प्रभावी रहेगी। साथ ही, धारा 98 के तहत गठित समानांतर समितियों का कार्यकाल भी उनके प्रथम बैठक की तिथि से एक दिन पूर्व तक निर्धारित किया गया है।
यह आदेश राज्य के सभी जिलों को भेजा गया है तथा मुख्य सचिव, विभागीय मंत्रीगण, प्रमुख शासन सचिव, पंचायत राज आयुक्त सहित विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई हेतु निर्देशित किया गया है।




