जयपुर: अखिल भारत हिन्दू महासभा ने राजस्थान में संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 16 जिलाध्यक्ष और 4 कार्यकारी जिलाध्यक्ष नियुक्त किए हैं। यह संगठनात्मक विस्तार युवाओं, मातृ शक्ति और समाजसेवकों को नेतृत्व से जोड़ने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। इन नियुक्तियों से प्रदेश में अखिल भारत हिन्दू महासभा की सक्रियता और प्रभाव दोनों में तेजी आने की उम्मीद है।

अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणी महाराज के मार्गदर्शन में राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष पवन कुमार पूनिया और राजस्थान संगठन महामंत्री भागीरथ सिंह पिलानिया ने इन नियुक्तियों की घोषणा की। संगठन नेतृत्व का कहना है कि सभी नवनियुक्त पदाधिकारी सामाजिक समरसता, सनातन संस्कृति और राष्ट्रवादी विचारधारा को गांव-गांव तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
जिलाध्यक्षों की नियुक्ति से जमीनी संगठन मजबूत
राजस्थान में संगठन विस्तार के तहत बूंदी जिले की जिम्मेदारी चौथमल सैनी को सौंपी गई है, जबकि कोटपुतली-बहरोड़ में पवन कुमार शर्मा को जिलाध्यक्ष बनाया गया है। बीकानेर में राजा राम सिगड़, डूंगरपुर में राजेंद्र कुमार श्रीमाल और राजसमंद में जवाहर लाल चौधरी को संगठन की कमान दी गई है। इसी क्रम में नागौर में विजय पवार, दौसा में पूरण मल सैनी, बाड़मेर में सुरेश चंद और जयपुर ग्रामीण में शंकर लाल जांगिड़ को जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
कोटा जिले में सुरेन्द्र परिहार, चित्तौड़गढ़ में मिथुन सोलंकी, उदयपुर में बाबूलाल ओड और टोंक में प्रहलाद सुवालका को संगठन की जिम्मेदारी दी गई है। भीलवाड़ा जिले में कोमल सिंह चौहान, डीडवाना-कुचामन में मुकेश सिरोया और श्रीगंगानगर में गगनदीप दुगेसर को जिलाध्यक्ष बनाया गया है।
संगठनात्मक संतुलन और प्रभावी संचालन के लिए बूंदी में गजेन्द्र व्यास, जयपुर ग्रामीण में लीलाधर शर्मा, नागौर में श्रावण नाथ और चूरु जिले में विनोद गौतम को कार्यकारी जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। संगठन का मानना है कि ये पदाधिकारी जिलों में सक्रिय कार्यकर्ताओं और नेतृत्व के बीच सेतु का कार्य करेंगे।
नवनियुक्त पदाधिकारियों ने संगठन नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी प्राथमिकता गांवों, ढाणियों और शहरी क्षेत्रों में जनसंपर्क बढ़ाने की होगी। युवाओं और मातृ शक्ति को संगठन से जोड़कर अखिल भारत हिन्दू महासभा को और अधिक सशक्त व प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
अखिल भारत हिन्दू महासभा का स्पष्ट मानना है कि राजस्थान जैसे बड़े प्रदेश में संगठन को मजबूत करने के लिए स्थानीय नेतृत्व का सशक्त होना आवश्यक है। इन नई नियुक्तियों से प्रदेश स्तर पर संगठन को नई ऊर्जा, दिशा और गति मिलने की संभावना जताई जा रही है।




