पिलानी: इस्लाम धर्म का पवित्र माह-ए-रमजान चांद के दीदार के साथ शुरू हो गया है। पिलानी क्षेत्र में जैसे ही रमजान का चांद नजर आया, मुस्लिम समुदाय में खुशी की लहर दौड़ गई। लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर रमजान की मुबारकबाद दी और घरों में रोजा रखने की तैयारियां शुरू कर दीं।
रात होते ही मस्जिदों में विशेष तरावीह की नमाज अदा की गई। नरहड़ दरगाह सहित क्षेत्र की अन्य मस्जिदों में सैकड़ों रोजेदारों ने नमाज अदा कर अल्लाह से अमन-चैन और खुशहाली की दुआ मांगी।
पहला रोजा 19 फरवरी से शुरू, खादिम परिवार ने दी जानकारी
नरहड़ दरगाह के खादिम परिवार की ओर से जानकारी दी गई कि 19 फरवरी की सुबह से पहला रोजा रखा गया। हजरत हाजिब शकरबार बाबा नरहड़ दरगाह सेवा फाउंडेशन के निदेशक और दरगाह खादिम शाहिद पठान ने बताया कि रमजान का महीना रहमतों और बरकतों से भरपूर होता है। इस पवित्र माह में एक नेकी का सवाब 70 गुना तक बढ़ा दिया जाता है।
उन्होंने बताया कि रमजान केवल रोजा रखने का नाम नहीं, बल्कि आत्मसंयम, इबादत, दान और सामाजिक एकता का संदेश देता है।
पूरे महीने चलेगा सामूहिक इफ्तार कार्यक्रम
दरगाह सेवा फाउंडेशन की ओर से रोजेदारों के लिए इफ्तार और सेहरी की समुचित व्यवस्था की गई है। पूरे रमजान माह में यह सेवा निरंतर जारी रहेगी। साथ ही 26वें रमजान को विशेष इफ्तार पार्टी का आयोजन भी प्रस्तावित है, जिसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंदों के शामिल होने की संभावना है।
मस्जिदों और घरों में कुरान-ए-पाक की तिलावत शुरू हो चुकी है। रोजेदार सहरी से लेकर इफ्तार तक इबादत में लीन हैं और समाज में भाईचारे का संदेश दे रहे हैं।
सामाजिक सौहार्द और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक रमजान
रमजान 2026 की शुरुआत के साथ ही पिलानी और आसपास के क्षेत्रों में आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिल रहा है। नमाज, रोजा, जकात और दुआओं के साथ यह महीना समाज में प्रेम, सद्भाव और संयम का संदेश दे रहा है।





