चिड़ावा: शहर की परमहंस बस्ती में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर 15 फरवरी को आयोजित होने जा रहे विराट हिन्दू सम्मेलन को लेकर माहौल धार्मिक उत्साह से भरता नजर आ रहा है। आयोजन की सफलता सुनिश्चित करने के लिए बस्ती सहित पूरे शहर में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को सम्मेलन और कलश शोभायात्रा में शामिल होने का आमंत्रण दे रहे हैं। धार्मिक एकता और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने के उद्देश्य से होने वाला यह आयोजन शहर के लिए खास महत्व रखता है।
घर-घर पहुंच रहा निमंत्रण, शहरभर में धार्मिक माहौल
परमहंस बस्ती में आयोजित होने वाले विराट हिन्दू सम्मेलन को लेकर जनसंपर्क अभियान लगातार तेज किया जा रहा है। बस्ती संयोजक प्रदीप मोदी ने बताया कि आयोजन को सफल बनाने के लिए कार्यकर्ताओं को अलग-अलग क्षेत्रों की जिम्मेदारी दी गई है। कार्यकर्ता टोली बनाकर मैन बाजार, विवेकानंद चौक, कबूतरखाना सहित अन्य प्रमुख इलाकों में पहुंचकर लोगों से व्यक्तिगत संपर्क कर सम्मेलन में भागीदारी का आग्रह कर रहे हैं।
नारी शक्ति आधारित झांकियां रहेंगी आकर्षण का केंद्र
आयोजन समिति अध्यक्ष दामोदर हिम्मतरामका ने जानकारी दी कि 15 फरवरी को दोपहर 11 बजे श्याम मंदिर गेस्ट हाउस, पुरानी बस्ती से भव्य कलश शोभायात्रा का शुभारंभ होगा। शोभायात्रा श्याम मंदिर से शुरू होकर मैन बाजार होते हुए कल्याण प्रभु की परिक्रमा लगाएगी और टीबड़ा गेस्ट हाउस पहुंचेगी। शोभायात्रा में नारी शक्ति के सम्मान को दर्शाती विशेष झांकियां श्रद्धालुओं और आमजन के लिए आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ सामाजिक संस्थाओं का सम्मान
टीबड़ा गेस्ट हाउस में आयोजित होने वाले विराट हिन्दू सम्मेलन के मुख्य कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी, वहीं समाज सेवा में योगदान देने वाली विभिन्न सामाजिक संस्थाओं को सम्मानित भी किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार सम्मेलन का प्रमुख उद्देश्य समाज में धार्मिक एकता, सांस्कृतिक जागरूकता और सामाजिक समरसता को मजबूत करना है।
शहरभर में सक्रियता, संगठनात्मक एकजुटता का प्रदर्शन
जनसंपर्क अभियान के दौरान राजकुमार जिसपाल, राम निवास वर्मा, प्रवीण वर्मा, मूलजी नाहड़िया, राजकुमार मोदी, मनोज भारतीय, दिनेश लाटा, योगेश जांगिड़ और रमेश धानुका सहित अन्य कार्यकर्ता सक्रिय रूप से लोगों से संपर्क करते नजर आए। सभी कार्यकर्ताओं ने सम्मेलन को ऐतिहासिक बनाने के लिए अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता पर जोर दिया।





