झुंझुनूं: मंड्रेला थानांतर्गत गांव बदनगढ़ के 2 युवक सोमवार को मथुरा में यमुना नदी के केशी घाट पर पानी में डूब गए। हादसे के बाद दोनों युवकों के शव आज सुबह गांव पहुंचे जिसके बाद दोनों के घर पर कोहराम मच गया। बाद में गांव के मुक्ति धाम में दोनों का एक ही चिता पर अन्तिम संस्कार किया गया। दोनों युवकों की मौत के बाद गांव में शोक की लहर है। शव यात्रा में लगभग पूरा गांव ही शामिल हुआ।
20 मई को गए थे केदारनाथ
बदनगढ़ के 3 युवा दोस्त मोहित सैनी (17 वर्ष) पुत्र महेंद्र सैनी, गौरव स्वामी (19 वर्ष) पुत्र विकास स्वामी और नवीन (19 वर्ष) पुत्र प्रकाश सैनी 20 मई को केदारनाथ गए थे। केदारनाथ दर्शन के बाद तीनों दोस्त 24 मई को हरिद्वार पहुंचे, जहां इनका चौथा दोस्त राहुल सैनी (18 वर्ष) पुत्र लक्ष्मण सैनी भी इनके साथ शामिल हो गया। सभी दोस्तों ने 26 मई को अयोध्या में रामलला के दर्शन किए और फिर वहां से ट्रेन के जरिए पहले मथुरा और फिर वृंदावन पहुंचे थे।
वृंदावन के केशी घाट पर हुआ हादसा
वृंदावन के केशी घाट पर चारों दोस्त यमुना नदी में स्नान करने के लिए गए थे। नाव से चारों ने यमुना नदी का भ्रमण किया। वापस लौटते वक्त राहुल और मोहित किनारे से कुछ पहले ही नाव से नीचे पानी में उतर गए। दोनों ही धीरे-धीरे पानी मे पैदल चलकर किनारे की तरफ आ रहे थे। इसी दौरान एक गहरा गढ्ढा आने से दोनों दोस्त उसमें समा गए। अपने दोस्तों को डूबता देख गौरव भी पानी मे उतर गया, लेकिन वहां मौजूद अन्य लोगों ने उसका हाथ पकड़कर वापस खींच लिया।
नाविकों ने निकाले दोनों के शव
हादसे के बाद वहां मौजूद नाविकों ने दोनों युवकों को बचाने के लिए नदी में छलांग लगाई। लगभग 3 घंटे से अधिक समय तक चले सर्च अभियान के बाद राहुल और मोहित के शवों को बाहर निकाला जा सका। लेकिन तबतक दोनों की मौत हो चुकी थी। हादसे की सूचना के बाद लोकल पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों के शव को अस्पताल पहुंचाया। बाद में पुलिस ने ही मृतकों के परिजनों को हादसे की सूचना दी जिसके बाद मौके पर पहुंचे परिजनों की मौजूदगी में शवों का पोस्टमार्टम करवाया गया।
एक ही चिता पर किया गया अन्तिम संस्कार
हादसे में जान गंवाने वाला राहुल सैनी 4 भाई बहनों में सबसे छोटा था और भिवाड़ी में नौकरी कर रहा था। राहुल के पिता मजदूरी का काम करते है। दूसरा मृतक मोहित 11वीं पास करने के बाद सीकर में रह कर डिफेंस सर्विस में सलेक्शन के लिए तैयारी कर रहा था। मोहित की एक छोटी बहन है, और पिता मुंबई में प्राइवेट जॉब करते है। दोनों मृतक युवकों का परिवार गांव में ही रहता है।मंगलवार सुबह दोनों युवकों के शव बदनगढ़ गांव पहुंचे तो दोनों घरों में कोहराम मच गया। इससे पहले हादसे की सूचना गिने-चुने लोगों के पास ही थी। सुबह जब दोनों युवकों के शव गांव में पहुंचे तो गांव में शोक की लहर छा गई। दोनों युवकों की एक साथ अंतिम यात्रा निकली तो हर किसी की आंखे नम हो गई। बाद में दोनों दोस्तों का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया।






