मंड्रेला: वार्ड 1 में 11 हजार वोल्ट की हाई टेंशन लाइन से खतरे को लेकर तनाव लगातार बढ़ रहा है। बुधवार की घटना के बाद गुरुवार को प्रदर्शन ओर तेज हो गया, जहां महिलाओं ने बिजली विभाग कार्यालय पर पहुंचकर कार्रवाई की मांग की। वार्डवासी अब स्पष्ट चेतावनी दे रहे हैं—अगर शुक्रवार तक लाइन घरों से नहीं हटती, तो वे बिजली दफ्तर पर ताला लगाकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे।
हाई टेंशन लाइन टूटने के बाद दूसरा दिन भी विरोध जारी
बुधवार को मकर संक्रांति के दौरान वार्ड 1 में हाई टेंशन लाइन टूटने से हड़कंप मचा था। तार जमीन पर गिरते ही करंट फैल गया जिससे महिलाओं और बच्चों में दहशत फैल गई। इसी घटना के बाद गुरुवार को वार्डवासी और महिलाएं फिर सड़क पर उतर आए और लाइन हटाने की मांग को लेकर विरोध तेज हो गया।

गुरुवार सुबह वार्ड की कई महिलाएं पोल के पास पहुंचीं और सुरक्षा को लेकर जोरदार नारेबाजी की। इसके बाद महिलाएं और निवासी मंड्रेला बिजली विभाग कार्यालय पहुंचे और वहां जिम्मेदारों से तत्काल कार्रवाई की मांग की। जेईएन विकास लाखलान और कर्मचारियों को मौके पर ले जाने के दौरान बहस भी हुई। वार्डवासियों ने कहा कि उनके परिवारों की सुरक्षा किसी भी तकनीकी प्रक्रिया से बढ़कर है।
मौका देखकर विभाग ने लाइन को ऊंचा करने और घरों के ऊपर गुजर रहे तारों को साइड शिफ्ट करने का भरोसा दिया। जेईएन विकास लाखलान ने बताया कि चाइनीज मांझे की वजह से तारों में शॉर्ट सर्किट हुआ था। उन्होंने कहा कि गुरुवार को निरीक्षण किया गया और वार्डवासियों को आश्वस्त किया गया है कि लाइन को घरों के उपर से हटाया जाएगा।
वार्डवासियों ने कहा कि बुधवार को कर्मचारियों ने कथित तौर पर जवाब दिया था कि “मर जाते तो मुआवजा मिल जाता।” यह बात सामने आते ही महिलाएं भड़क गईं और आरोप लगाया कि विभाग हादसे को हल्के में ले रहा है। कई महिलाएं गुस्से में कहती नजर आईं कि सुरक्षा की मांग करना गलत कैसे हो सकता है?
भवरी देवी ने कहा कि घरों के ठीक ऊपर से हाई टेंशन लाइन गुजर रही है और बच्चों की जान जोखिम में है। संतोष देवी का कहना है कि करंट फैलने से बड़ा हादसा हो सकता था, इसलिए अब कोई भी जोखिम स्वीकार नहीं होगा। मंजू देवी ने कहा कि जब जीवन दांव पर हो तो मुआवजे की बात करना अपमान है।
स्थानीय प्रशासन और मंड्रेला बिजली विभाग पर अब निर्णायक कार्रवाई का दबाव है। जिले में यह मामला अब सुरक्षा, बिजली व्यवस्था और जनभावना के बीच टकराव का रूप ले चुका है। सभी की निगाहें शुक्रवार पर टिक गई हैं—लाइन हटती है या आंदोलन और भड़कता है। महिलाओं ने साफ कहा कि बिना समाधान आंदोलन और तेज होगा।





