मंड्रेला: कस्बे में मकर संक्रांति के मौके पर वार्ड एक में बड़ा हादसा टल गया, जब 11 हजार वॉट की हाई टेंशन लाइन अचानक टूटकर घरों के ऊपर गिर गई। तार गिरने के दौरान महिलाएं छतों पर बैठी थीं और बच्चे नीचे खेल रहे थे। करंट फैलने से हुए हड़कंप ने वार्डवासियों को झकझोर दिया और लोगों ने बिजली विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया।
हादसे के दौरान अफरा-तफरी, महिलाएं और बच्चे सुरक्षित
तार टूटने की घटना ठीक उस समय घटी जब कई महिलाएं अपने घरों की छतों पर बैठी थीं और बच्चों का समूह चौक में खेल रहा था। टूटकर 11 हजार वॉट हाई टेंशन लाइन एक मकान के मुख्य दरवाजे पर लटक गई और करंट फैलने से पूरे इलाके में दहशत फैल गई। लोगों ने तत्काल बिजली सप्लाई बंद करवाई, जिससे किसी की जान नहीं गई और वार्ड में संभावित हादसा टल गया।
वार्डवासियों का विरोध, बिजली लाइन हटाए बिना काम करने से इनकार
लाइन कटने के बाद विभाग की टीम मौके पर पहुंची और नया तार डालने की तैयारी करने लगी, लेकिन वार्ड की महिलाएं और ग्रामीण विरोध में आ गए। उनका कहना था कि जब तक लाइन घरों की छतों के ऊपर से हटाकर एक सुरक्षित दूरी पर नहीं डाली जाएगी, तब तक मरम्मत का काम नहीं होने दिया जाएगा।
भवानी देवी और संतोष देवी समेत कई महिलाओं ने बताया कि तार खतनाक रूप से नीचे लटकता है, जिसकी शिकायत पहले भी दी जा चुकी है पर विभाग ने सुनवाई नहीं की।
कर्मचारियों के बयान ने बढ़ाया आक्रोश: “मर जाते तो मुआवजा मिल जाता”
ग्रामीणों का आरोप है कि मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने महिलाओं को असंवेदनशील जवाब देते हुए कहा कि अगर कोई मर भी जाता तो मुआवजा मिल जाता। इस कथन पर मंजू देवी और अन्य महिलाओं ने कड़ा विरोध जताया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या विभाग के लिए नागरिकों की जान की कीमत सिर्फ मुआवजे तक सीमित है?
पुलिस पहुंची, थानाधिकारी ने कराया समाधान
स्थिति बिगड़ने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों तथा विभागीय कर्मचारियों के बीच बातचीत शुरू कराई। थानाधिकारी कैलाशचंद्र शर्मा ने आश्वासन दिया कि अगले दिन जेईएन सहित उच्च अधिकारी मौके पर पहुंचकर निरीक्षण करेंगे। उन्होंने कहा कि पोल की ऊंचाई बढ़ाने और लाइन को घरों के उपर से हटाकर सुरक्षित दिशा में शिफ्ट करने पर निर्णय लिया जाएगा।

भामाशाह विनोद सिंह निर्वाण ने दिखाया मानवीय चेहरा
घटना के बाद समाजसेवी विनोद सिंह निर्वाण ने बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि यदि वार्ड के लोग चाहें तो लगभग पचास हजार रुपये तक की लागत से अंडरग्राउंड बिजली लाइन खुद डलवाने में वे सहयोग करेंगे। उनकी बात ने वार्डवासियों में राहत की उम्मीद जगाई और लोगों ने उनका धन्यवाद जताया।
सवाल वही: कब सुधरेगी बिजली विभाग की व्यवस्था?
मंड्रेला में हाई टेंशन लाइन टूटने की यह घटना बिजली विभाग की गंभीर लापरवाही की ओर इशारा करती है। वार्डवासियों का कहना है कि समय रहते तारों की ऊंचाई बढ़ाई जाती तो यह स्थिति ही निर्माण नहीं होती। अब नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या प्रशासन और विभाग तेजी से कार्रवाई करते हैं या फिर शिकायतें कागजों में दबकर रह जाती हैं।
मंड्रेला, झुंझुनूं न्यूज, ब्रेकिंग न्यूज राजस्थान, बिजली विभाग, हाई टेंशन लाइन हादसा, महिलाएं विरोध, विनोद सिंह निर्वाण, मंड्रेला वार्ड एक, राजस्थान लोकल न्यूज, करंट हादसा





