चिड़ावा: शेखावाटी क्षेत्र में आस्था, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना का अद्भुत संगम उस समय देखने को मिला जब परमहंस पंडित गणेश नारायण बावलिया बाबा के निर्वाण दिवस से पूर्व उनकी दिव्य संदेश यात्रा का लोटिया, जाखोद और धींगड़िया गांवों में श्रद्धा के साथ स्वागत किया गया। चिड़ावा की पुण्य भूमि से प्रारंभ हुई यह यात्रा दूसरे दिन सूरजगढ़ क्षेत्र के विभिन्न गांवों में पहुंची, जहां ग्रामीणों ने पुष्प वर्षा कर रथ में विराजित बाबा के दिव्य स्वरूप का पूजन-अर्चन किया।
सूरजगढ़ से आगे बढ़ती हुई बावलिया बाबा की दिव्य संदेश यात्रा जैसे ही लोटिया पहुंची, पूरे गांव में भक्तिमय वातावरण बन गया। ग्रामीणों ने यात्रा पर पुष्प वर्षा की और रथ में विराजित बाबा के दिव्य स्वरूप की विधिवत आरती उतारी। इस अवसर पर प्रसाद वितरण और बाबा के साहित्य का वितरण भी किया गया। कार्यक्रम के दौरान विकास शर्मा, आशीष जोशी, श्याम सुंदर सोती, रोशन लाल शर्मा, धनप्रकाश, धीरज शर्मा, श्रवण स्वामी, विनोद भडाडरा, सज्जन शर्मा, रामविलास सोनी, मनोहर लाल सरपंच, अजीत सिंह, राजेंद्र शर्मा, कमल प्रकाश, सुशील शर्मा, मुरारीलाल और मनोज व शमशेर चौधरी सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
लोटिया से यात्रा जाखोद गांव पहुंची, जहां मुख्य मंदिर के पास ग्रामीणों ने यात्रा का आत्मीय स्वागत किया। सरपंच सुनील बिजारणियां के नेतृत्व में ग्रामीणों ने बाबा के कृपा शिष्य प्रभुशरण तिवाड़ी, राजेंद्र सैन सूरजगढ़, पंडित सियाराम शर्मा, सुरेश शेखावत, सुभाष धाबाई, रत्तीराम राजोतिया, सुरेंद्र बसेरा और विक्रम सिंह का माल्यार्पण कर अभिनंदन किया। बाबा की आरती के पश्चात उनके जीवन दर्शन, सेवा भाव और समाज को दिए गए संदेशों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम के दौरान मुरारी लाल शर्मा, शेर सिंह शेखावत, प्रमोद शर्मा, महेंद्र प्रजापत, अशोक स्वामी, लालचंद शेखावत, रामप्रसाद प्रजापत, बैजनाथ स्वामी, ईश्वर बिजारणियां, गुलझारी लाल शर्मा, नरेश और सुभाष स्वामी, होशियार सिंह प्रजापत तथा रामनिवास स्वामी सहित बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु मौजूद रहे।
जाखोद के बाद दिव्य संदेश यात्रा धींगड़िया गांव पहुंची, जहां बाबा के दिव्य स्वरूप की आरती उतारी गई। यहां भी श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद और आध्यात्मिक पुस्तकों का वितरण किया गया। पूरे आयोजन के दौरान भक्तों में विशेष उत्साह और श्रद्धा देखने को मिली, जिससे गांव का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।
बावलिया बाबा की यह दिव्य संदेश यात्रा उनके निर्वाण दिवस से पूर्व समाज में सेवा, सद्भाव, त्याग और आध्यात्मिक जागरण का संदेश देने का माध्यम बन रही है। यात्रा के माध्यम से बाबा के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया है, जिसे श्रद्धालुओं का भरपूर समर्थन मिल रहा है।





