चिड़ावा: शेखावाटी अंचल में फाल्गुन मास के पावन अवसर पर बाबा श्याम की भक्ति अपने चरम पर पहुंचती नजर आ रही है। चिड़ावा में इस वर्ष श्री श्याम युवा मित्र मंडल के तत्वावधान में 17वीं विशाल निशान पदयात्रा और भव्य फाल्गुन महोत्सव का आयोजन होने जा रहा है। आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है और मंदिर परिसर से लेकर नगर के प्रमुख मार्गों तक धार्मिक उल्लास का माहौल बन चुका है।
श्री श्याम युवा मित्र मंडल, चिड़ावा द्वारा आयोजित फाल्गुन महोत्सव 2026 को भव्य स्वरूप देने के लिए मंदिर कमेटी और कार्यकर्ता लगातार सक्रिय हैं। मंदिर कमेटी अध्यक्ष अंकित सैनी और निज मंदिर पुजारी अभिषेक सैनी ने बताया कि महोत्सव का शुभारंभ 21 फरवरी 2026 को प्रातः 10:15 बजे विधि-विधान के साथ निशान पूजन से किया जाएगा। इसी दिन रात्रि 8:15 बजे से भव्य भजन संध्या का आयोजन होगा, जिसमें देश-प्रदेश से आए नामचीन भजन गायक अपनी प्रस्तुतियां देंगे।
आयोजन समिति के अनुसार भजन संध्या में नारनौल से सुजीत बैदी, चिड़ावा से विनोद लक्खा और गणेश शर्मा राजस्थानी, खेतड़ी से कुशल सिंह, सूरजगढ़ से योगेश शर्मा तथा सुनील बैदी अपनी भावपूर्ण प्रस्तुतियों से बाबा श्याम की महिमा का गुणगान करेंगे। समिति का अनुमान है कि भजन संध्या में शेखावाटी ही नहीं, आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में श्याम भक्त शामिल होंगे।
फाल्गुन महोत्सव का मुख्य आकर्षण 23 फरवरी 2026 को आयोजित होने वाली 17वीं विशाल निशान पदयात्रा होगी। यह पदयात्रा चिड़ावा के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरेगी, जिसका मुख्य केंद्र अडुकिया स्कूल के सामने वाली गली, वार्ड नंबर 28 रहेगा। पदयात्रा भगत महेन्द्र सैनी के सानिध्य में आयोजित होगी। इस दौरान बाबा श्याम का अलौकिक श्रृंगार विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा, जिसे देखने के लिए श्रद्धालुओं में पहले से ही खास उत्सुकता बनी हुई है।
इस भव्य धार्मिक आयोजन को सफल बनाने के लिए श्री श्याम युवा मित्र मंडल के कार्यकर्ता और स्थानीय श्याम भक्त पूरी निष्ठा से जुटे हुए हैं। आयोजन में जगदीश सैनी, नरेंद्र बाबा, महिपाल वर्मा, राकेश सैनी, विकास वर्मा, नवीन सैनी, लेखराज सैनी, कपिल सैनी, बिट्टू सैनी, निखिल सैनी, अविनाश वर्मा, मोहन सैनी, रौनक सैनी, प्रमोद वर्मा और दिवाकर सहित कई कार्यकर्ता व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। समिति ने क्षेत्र की धर्मप्रेमी जनता से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर आयोजन को सफल बनाने की अपील की है।
फाल्गुन मास में आयोजित यह महोत्सव न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि शेखावाटी क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को भी सशक्त करता है। चिड़ावा में होने वाला यह आयोजन हर वर्ष हजारों श्रद्धालुओं को एक सूत्र में बांधते हुए भक्ति, सेवा और समर्पण का संदेश देता है।





