झुंझुनूं: जिले के पिलानी थाना पुलिस ने एक बड़ी सनसनीखेज वारदात का पर्दाफाश किया है। गुजरात की एक महिला डॉक्टर की हत्या के लिए 15 लाख रुपये की सुपारी लेकर शूटर गांव से निकल चुके थे, लेकिन हत्या को अंजाम देने से पहले ही पुलिस ने 6 शूटरों और साजिशकर्ताओं को गिरफ्तार कर हथियार बरामद कर लिये। पुलिस की यह कार्रवाई क्राइम नेटवर्क के खिलाफ बड़ी सफलता मानी जा रही है।
हत्या की 15 लाख की सुपारी, हथियार खरीदकर तैयार हुई थी गैंग
अनुसंधान के दौरान हिमांशु जाट निवासी नरहड़ की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को जानकारी मिली कि सचिन उर्फ कालु लिखवा, मनोज मेघवाल और आकाश मेघवाल द्वारा मिलकर गुजरात में कार्यरत एक महिला डॉक्टर की हत्या की योजना बनाई गई थी। बताया गया कि अनुज शर्मा निवासी पिलोद को इस सुपारी के लिए बड़ी रकम सौंपी गई थी और उसी के माध्यम से गिरोह तक एक लाख रुपये एडवांस भेजे गए थे। इसी राशि से आरोपी जयपुर से हथियार लेकर आए थे, जिसमें एक पिस्टल, सात जिंदा कारतूस और चार खाली खोल बरामद हुए हैं।
गुजरात जाकर रैकी की, कैमरों और सुरक्षा से डरे शूटर
हिमांशु जाट, सचिन मेघवाल, मनोज मेघवाल और आकाश मेघवाल गुजरात पहुंचे जहां अनुज शर्मा ने हत्या के टारगेट महिला डॉक्टर की लोकेशन, तस्वीर और अस्पताल/घर की रैकी करवाई। लेकिन मौके पर कड़ी सुरक्षा और सीसीटीवी कैमरों की मौजूदगी के कारण पकड़े जाने का डर हुआ, इसलिए वारदात को आगे टालकर आरोपी वापस लौट आए।
लिखवा शराब ठेके पर फायरिंग ने खोल दी पूरी साजिश
21 नवंबर 2025 को सचिन मेघवाल और अक्षय पंडित द्वारा लिखवा के शराब ठेके पर रंगदारी के लिए फायरिंग की गई। पिलानी पुलिस ने तकनीकी व मानव स्रोतों के आधार पर हिमांशु जाट को पकड़ा। पूछताछ में उसने शराब ठेके पर की गई वारदात के साथ महिला डॉक्टर की हत्या की सुपारी का भी खुलासा किया। इसके बाद गिरोह की गिरफ्तारी तेज की गई।
झुंझुनूं पुलिस की टीम ने कई राज्यों में की कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक बृजेश ज्योति उपाध्याय के निर्देश पर जयपुर, गुजरात व हरियाणा में दबिश देकर आरोपी अनुज शर्मा को बड़ोदरा से, मनोज व आकाश मेघवाल को जयपुर से तथा भूपेंद्र मेघवाल को पिलानी से पकड़ा गया। सचिन मेघवाल और हिमांशु जाट को प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया गया। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम व पृष्ठभूमि
आरोपियों में मनोज मेघवाल, आकाश उर्फ बिट्टू मेघवाल, हिमांशु जाट, भूपेंद्र मेघवाल, सचिन उर्फ कालु मेघवाल और अनुज शर्मा शामिल हैं। इनमें मनोज, आकाश और सचिन के खिलाफ पहले भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब पूरी साजिश के वित्तीय स्रोत, सुपारी देने वालों और नेटवर्क की जांच कर रही है।
पुलिस की रणनीति से बच गई एक निर्दोष ज़िंदगी
पुलिस की त्वरित कार्रवाई से गुजरात की महिला डॉक्टर की जान बच गई, नहीं तो जल्द ही शूटर हत्या को अंजाम देने वाले थे।




