पिलानी: में भारतीय राजनीति के युगपुरुष और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती को भाजपा किसान मोर्चा झुंझुनूं की ओर से सेवा, संस्कार और श्रद्धा के भाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर पिलानी गौशाला में गौ माता को गुड़ खिलाकर सेवा की गई और अटल बिहारी वाजपेयी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके विचारों को स्मरण किया गया। कार्यक्रम में भाजपा कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी रही।
अटल बिहारी वाजपेयी जयंती कार्यक्रम के दौरान पिलानी स्थित गौशाला में गौ माता को गुड़ खिलाकर सेवा की गई, जिसे आयोजकों ने भारतीय संस्कृति और अटल विचारधारा का प्रतीक बताया। कार्यक्रम में अटल बिहारी वाजपेयी के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए।
इस आयोजन की अध्यक्षता भाजपा किसान मोर्चा झुंझुनूं के जिलाध्यक्ष रतन सिंह तंवर और जिला महामंत्री धर्मेंद्र गुड्डू नेहरा ने संयुक्त रूप से की। कार्यक्रम का संयोजन धर्मेंद्र गुड्डू नेहरा द्वारा किया गया, जिन्होंने पधारे अतिथियों का स्वागत करते हुए अटल बिहारी वाजपेयी के राष्ट्रनिर्माण में योगदान को स्मरण किया।

पंडित दीनदयाल स्मृति संस्थान के अध्यक्ष जगदीश सोनी ने अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन परिचय पर प्रकाश डालते हुए उनके संस्मरण साझा किए। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय राजनीति में संवाद, सहमति और राष्ट्रहित की राजनीति के प्रतीक थे, जिनके विचार आज भी करोड़ों भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
कार्यक्रम में भाजपा महिला मोर्चा झुंझुनूं की अध्यक्ष सरोज श्योरान, पिलानी भाजपा मंडल अध्यक्ष हर्षवर्धन सिंह, भाजपा किसान मोर्चा के उपाध्यक्ष बनवारी लाल, विधानसभा संयोजक मुरलीधर शर्मा, पूर्व चेयरमैन अनिल कुल्हार और विजय हलवाई की उपस्थिति रही। इसके साथ ही संदीप रायला, डॉ नवीन ठोलिया, अजीत श्योरान, निशांत पाप्टान, अशोक शर्मा बंगोठड़ी, याशीन खान, नरेंद्र बठोलिया, ओमप्रकाश टेलर, अविनाश गुप्ता, सचिन बगड़िया, आशीष गोयल, लोकेश पारीक और कैलाश व्यास लिखवा सहित अनेक भाजपा कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम में भाग लिया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी की राष्ट्रवादी सोच, सुशासन और लोकतांत्रिक मूल्यों की विरासत को आगे बढ़ाना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है। कार्यकर्ताओं ने अटल विचारधारा को गांव-गांव और किसान वर्ग तक पहुंचाने का संकल्प लिया।





