पिलानी: विधानसभा क्षेत्र के विधायक पितराम सिंह काला ने राजस्थान विधानसभा में किसानों से जुड़े ज्वलंत मुद्दों को मजबूती के साथ उठाया। अपने वक्तव्य में उन्होंने पिलानी और शेखावाटी क्षेत्र की कृषि संकट, पानी की कमी, फसल बीमा, आवारा पशु और यमुना नहर जैसे अहम विषयों पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया।
उन्होंने कहा कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो किसानों की आर्थिक स्थिति और अधिक कमजोर हो सकती है।
जल संकट पर सरकार से विशेष पैकेज की मांग, पानी की कमी से प्रभावित हो रहा फसल उत्पादन
विधायक काला ने सदन में कहा कि शेखावाटी क्षेत्र में सिंचाई के पर्याप्त साधन नहीं होने के कारण किसान भारी संकट झेल रहे हैं। भूमिगत जल स्तर गिरने और वर्षा पर निर्भरता के चलते फसल उत्पादन प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने के लिए कुंड और डिग्गी निर्माण हेतु बजट बढ़ाने की मांग रखी, ताकि किसानों को स्थायी सिंचाई व्यवस्था मिल सके।
बेसहारा सांडों से खेतों में तबाही, गौशालाओं में 5 प्रतिशत सांड रखने का सुझाव
काला ने बेसहारा पशुओं द्वारा फसलों को हो रहे नुकसान का मुद्दा भी जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने कहा कि खेतों में घूम रहे सांड किसानों की मेहनत पर पानी फेर रहे हैं। इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने गौशालाओं में न्यूनतम 5 प्रतिशत सांडों को रखना अनिवार्य करने का सुझाव दिया।
फसल बीमा में पारदर्शिता की मांग, बीमा कंपनियों की जवाबदेही तय करने पर जोर
फसल बीमा योजना के तहत बीमा कंपनियों की कथित मनमानी पर विधायक ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा या ओलावृष्टि जैसी परिस्थितियों में किसानों को समय पर मुआवजा नहीं मिल पाता।
उन्होंने सरकार से मांग की कि बीमा कंपनियों की जवाबदेही तय की जाए और किसानों को समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट नीति बनाई जाए।
शेखावाटी को यमुना नहर का पानी कब? स्थायी समाधान के रूप में रखी बड़ी मांग
विधायक काला ने शेखावाटी क्षेत्र को यमुना नहर का पानी उपलब्ध करवाने की पुरजोर मांग की। उन्होंने कहा कि यदि क्षेत्र को नियमित रूप से नहर का पानी मिल जाए तो जल संकट और सिंचाई की समस्या का स्थायी समाधान संभव है। इससे कृषि क्षेत्र में नई ऊर्जा का संचार होगा और किसानों की आय में वृद्धि होगी।
सदन में गंभीरता से सुना गया वक्तव्य
विधानसभा में उनके भाषण को गंभीरता से सुना गया। संबंधित मंत्रियों ने किसानों के हित में आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। काला ने स्पष्ट कहा कि कृषि प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसानों की समस्याओं का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।





