चिड़ावा: पतंजलि योग समिति और भारत स्वाभिमान ट्रस्ट झुंझुनू जिला इकाई की विशेष मासिक बैठक रविवार को डालमिया खेल परिसर चिड़ावा में आयोजित हुई। बैठक में जिलेभर के योग साधक, शिक्षक और पदाधिकारी शामिल हुए। इस मौके पर आचार्य मनोज सैनी का सम्मान किया गया, जबकि रामपाल सिहाग ने आगामी योग शिविरों और पतंजलि अभियानों के दिशा-निर्देश दिए। बैठक में योग, आयुर्वेद और सेवा भावना को सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बनाने पर बल दिया गया।
बैठक के दौरान आयुर्वेदाचार्य मनोज सैनी, जो पतंजलि योगपीठ हरिद्वार से आचार्य बालकृष्ण और स्वामी रामदेव से दीक्षित हैं, का जिला कार्यकारिणी सदस्यों द्वारा माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में रोगों के प्राकृतिक उपचार, नाड़ी विज्ञान और योग से जुड़े अनुभवों को साझा किया। मनोज सैनी ने कहा कि योग और आयुर्वेद का समन्वय आज के तनावपूर्ण जीवन में संतुलन लाने का सबसे प्रभावी उपाय है।
बैठक की अध्यक्षता और संचालन मुख्य जिला संयोजक रामपाल सिहाग ने किया। उन्होंने अपने उद्बोधन में समिति द्वारा अब तक किए गए सफल कार्यों, पतंजलि योग साहित्य के प्रसार और आने वाले योग प्रशिक्षण शिविरों की जानकारी दी। उन्होंने हरिद्वार में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय योग प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए साधकों को प्रेरित किया और कहा कि पतंजलि की मुहिम सिर्फ योग तक सीमित नहीं, बल्कि यह स्वाभिमान, संस्कृति और स्वदेशी विचारधारा को सशक्त बनाने का प्रयास है।

इस मौके पर पतंजलि जिला कोषाध्यक्ष महिपाल सिंह ने समिति के आय-व्यय विवरण प्रस्तुत किए और संगठन के हित में आवश्यक सुझाव दिए। बैठक में सभी उपस्थित सदस्यों से विचार आमंत्रित किए गए और सर्वसम्मति से कई प्रस्ताव पारित किए गए।
पूर्व जिला अध्यक्ष और वरिष्ठ योग शिक्षक यशवंत सिंह ने मुख्य वक्ता के रूप में योग के साथ मेडिटेशन के उद्देश्य, महत्व और लाभ पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ध्यान जीवन में आत्मिक शांति और मानसिक स्थिरता का सबसे सरल मार्ग है। उनके अनुभवों ने उपस्थित योग साधकों को नई दिशा दी।

कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित योग साधकों को पतंजलि योग साहित्य निःशुल्क प्रदान किया गया। सभी ने संकल्प लिया कि योग, आयुर्वेद और सेवा के सिद्धांतों को गांव-गांव तक पहुंचाने का कार्य निरंतर जारी रहेगा।
इस विशेष बैठक में जमन सिंह सैनी, जयसिंह झाझड़िया, हेतराम राजोरिया, बृजेश पूनिया, ओमप्रकाश स्वामी, विजय कुमार सैनी, योमेंश नंदा, सरिता शर्मा, सुनीता देवी, सुमन देवी, जितेंद्र सैनी, अनीता देवी, बबिता देवी, दीपक कुमार, सुरेंद्र पाल, सुमित शर्मा और प्रमोद भार्गव सहित अनेक गणमान्य योग साधक उपस्थित रहे। उनकी सक्रिय भागीदारी ने बैठक को सफल और सार्थक बनाया।





