Friday, February 13, 2026
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दुनिया में पहली बार कैमरे में कैद हुआ अमेज़न की अनसंपर्कित जनजाति का झुंड, हथियार छोड़ते दिखा ऐतिहासिक पल

अमेज़न के जंगलों में पहली बार सामने आया हाई-डेफिनिशन फुटेज

वाशिंगटन :अमेज़न वर्षावन के भीतर रहने वाली इस अनसंपर्कित जनजाति का वीडियो उस समय रिकॉर्ड किया गया, जब एक ड्रोन उनके ऊपर से गुजरा। वीडियो में देखा गया कि आदिवासियों का एक समूह लकड़ी, पत्थर और प्राकृतिक धातुओं से बने हथियारों के साथ नदी किनारे मौजूद था। शुरुआत में उनकी मुद्रा आक्रामक नजर आई, लेकिन ड्रोन को देखने के बाद उन्होंने अपने हथियार नीचे कर दिए, जो इस पूरे दृश्य को ऐतिहासिक बनाता है।

हथियारों के साथ दिखे योद्धा, तितलियों के बीच उभरा दुर्लभ दृश्य

वीडियो फुटेज में माशको पिरो जनजाति के योद्धा तितलियों के बादल के बीच नदी तट से बाहर आते दिखाई देते हैं। उनके हाथों में धनुष-बाण और अन्य पारंपरिक हथियार मौजूद थे। उनके हावभाव और चाल-ढाल से स्पष्ट था कि वे किसी भी बाहरी खतरे को लेकर सतर्क हैं। यह दृश्य अमेज़न की अनसंपर्कित जनजाति का सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

खाने से भरी नाव स्वीकार करते ही बदला माहौल

जैसे ही बिना मोटर वाली एक नाव उनके करीब पहुंची, जिसमें केले, गन्ना और अन्य फल रखे थे, जनजाति के सदस्यों ने पहले सावधानी बरती। कुछ ही पलों बाद उन्होंने सामग्री स्वीकार कर ली और अपने हथियार धीरे-धीरे नीचे रखने लगे। यह क्षण अविश्वास से भरोसे की ओर बढ़ने का दुर्लभ उदाहरण माना जा रहा है।

पॉल रोसोली ने साझा किया ‘विश्व में पहली बार’ का दावा

अमेरिकी संरक्षणवादी और लेखक पॉल रोसोली ने यह वीडियो पॉडकास्टर लेक्स फ्रिडमैन के शो में साझा किया। रोसोली ने बताया कि वह दो दशकों से अमेज़न में काम कर रहे हैं और जंगलकीपर्स संस्था के जरिए करीब 1.3 लाख एकड़ जंगल की सुरक्षा कर रहे हैं। उनके अनुसार, यह पहली बार है जब इस जनजाति का इतना स्पष्ट और नजदीकी फुटेज रिकॉर्ड हुआ है।

कपड़ों की मांग और भरोसे का नाजुक पल

वीडियो में आगे दिखता है कि फल स्वीकार करने के बाद जनजाति के एक सदस्य ने कपड़ों की मांग की। इसके बाद टीम ने उसे शर्ट और पैंट उपलब्ध कराए। यह पल दिखाता है कि हिंसा की जगह जिज्ञासा और स्वीकार्यता ने ले ली थी। विशेषज्ञों के मुताबिक, यही वह नाजुक क्षण होता है, जहां गलत संपर्क पूरे समुदाय के लिए खतरा बन सकता है।

अनसंपर्कित जनजातियों पर मंडराता बड़ा खतरा

विशेषज्ञों का कहना है कि अवैध लॉगिंग, खनन और बाहरी संपर्क से अमेज़न जनजातीय गंभीर खतरे में हैं। ऐसी जनजातियों की रोग प्रतिरोधक क्षमता आधुनिक बीमारियों के खिलाफ कमजोर होती है और मामूली संक्रमण भी उनकी पूरी आबादी को खत्म कर सकता है। इसी कारण पॉल रोसोली ने जोर दिया है कि इन समुदायों को अलग-थलग रहने दिया जाना चाहिए।

सोशल मीडिया पर वायरल, वैश्विक बहस तेज

सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग इसकी प्रामाणिकता, प्राकृतिक सुंदरता और मानव इतिहास से जुड़ी अहमियत पर चर्चा कर रहे हैं।

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