झुंझुनूं: अक्सर होटल के बाहर खड़े होकर अंदर झांकते मासूम बच्चों की जिज्ञासा उस समय खुशी में बदल गई जब शहर के स्टेशन रोड स्थित ग्रीन थार होटल में उन्हें सम्मानपूर्वक बैठाकर भोजन कराया गया। भीम आर्मी के तत्वावधान में आयोजित ‘रोटी डे’ कार्यक्रम के तहत 75 जरूरतमंद बच्चों को स्वादिष्ट भोजन कराया गया। यह सामाजिक पहल अब झुंझुनूं में चर्चा का विषय बन गई है और सोशल मीडिया पर भी सराही जा रही है।
झुंझुनूं में ‘रोटी डे’ के अवसर पर भीम आर्मी की पहल ने सामाजिक सरोकार की नई मिसाल पेश की। स्टेशन रोड स्थित ग्रीन थार होटल में 75 झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले बच्चों को सम्मानपूर्वक बैठाकर भोजन कराया गया, जिससे मानवता, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया गया।
भीम आर्मी जिलाध्यक्ष विकास आल्हा ने बताया कि अक्सर ये बच्चे होटल के बाहर खड़े होकर अंदर का माहौल देखने की कोशिश करते हैं। उनके मन में यह जानने की उत्सुकता रहती है कि होटल के अंदर कैसा खाना बनता है और लोग किस तरह बैठकर भोजन करते हैं। झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले इन बच्चों के मन में भी शाही अंदाज में भोजन करने का सपना पलता है। इसी सोच के साथ ‘रोटी डे’ का आयोजन किया गया, ताकि बच्चों के चेहरे पर मुस्कान आए और उनमें आत्मविश्वास बढ़े।
कमलेश काला और सुनील सिरस्वा ने कहा कि फरवरी माह में जहां युवा वर्ग वेलेंटाइन डे, रोज डे और चॉकलेट डे जैसे कार्यक्रमों में व्यस्त रहता है, वहीं झुंझुनूं के युवाओं ने अलग सोच के साथ ‘रोटी डे’ मनाने का निर्णय लिया। जिले के युवाओं ने व्हाट्सऐप अभियान चलाकर आर्थिक सहयोग एकत्रित किया और जरूरतमंद बच्चों के लिए भोजन की व्यवस्था की।

पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष सतवीर बरवड़ ने कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है जिससे कोई भी व्यक्ति अपने जीवन की दिशा बदल सकता है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल भोजन कराना नहीं, बल्कि बच्चों को यह विश्वास दिलाना था कि पढ़ाई के जरिए वे भी बेहतर भविष्य बना सकते हैं। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को भोजन के साथ कॉपी, पेंसिल और चप्पल भी वितरित की गईं।
कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) के असिस्टेंट मैनेजर विकास काला ने भी शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि पढ़-लिखकर ही व्यक्ति सम्मानजनक जीवन जी सकता है और अपने सपनों को साकार कर सकता है।
कार्यक्रम के दौरान जांबाज सिपाही अजय वर्मा ने समाज में फैली कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता का संदेश दिया। आयोजन स्थल पर बच्चों ने राजस्थानी गीतों की धुन पर नृत्य कर अपनी खुशी जाहिर की, जिससे माहौल उत्साहपूर्ण हो गया।
इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता राजेश गोठवाल, अभिषेक कांटीवाल, रवि, अंसार मुख्तार, नरेश कुमार, आश्चर्य कुमार बाजला, शोरभ, प्रीतम, दिनेश और आदित्य सहित विभिन्न वर्गों के लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विकास आल्हा, सुनील सिरस्वा, सतवीर बरवड़, विकास काला और कमलेश काला ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई।





