झुंझुनूं/जयपुर: स्टेट हाईवे-06 पर एक अभूतपूर्व कार्रवाई के तहत आरटीओ इंस्पेक्टर रॉबिन सिंह ने मेंटेनेंस फर्म पर 25 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया, जिसे भाजपा विधायक राजेन्द्र सिंह भांबू की कंपनी संचालित करती है। जांच में सुरक्षा और सुविधा से जुड़ी कई गंभीर खामियां सामने आईं, जिसके चलते टोल वसूली से लाभ कमा रही कंपनी को पहली बार इस स्तर की सख्ती का सामना करना पड़ा।
हाईवे में लापरवाही उजागर, 25 पॉइंट्स पर नियमों का उल्लंघन
राजगढ़ से भालेरी तक फैले 133 किलोमीटर लंबे स्टेट हाईवे 06 का निरीक्षण शनिवार को आरटीओ टीम ने किया। निरीक्षण के दौरान टीम को न सांकेतिक बोर्ड मिले, न नाइट रिफ्लेक्टर, न जंक्शन चेतावनी संकेत और न ही इमरजेंसी संपर्क नंबर। इन खामियों के कारण हाईवे पर चलने वाले वाहन चालकों की सुरक्षा को सीधा खतरा था। इस जांच रिपोर्ट के आधार पर रखरखाव कार्य देख रही RSB इंफ्रा प्रा. लिमिटेड को जिम्मेदार माना गया। RSB इंफ्रा झुंझुनूं विधायक राजेंद्र सिंह भाम्बू की फर्म है।
टोल कलेक्शन फर्म भी जिम्मेदारी से बच नहीं पाई
टोल संचालन की जिम्मेदारी KKC सीकर नामक कंपनी के पास है। रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया गया कि जब फर्म वाहन चालकों से करोड़ों का टोल ले रही है, तो आवश्यक आपात सेवाएं उपलब्ध होना अनिवार्य था। टीम को न एम्बुलेंस मिली, न हाइड्रा क्रेन और न ही हाईवे पेट्रोलिंग वाहन। इस वजह से कंपनी को RSB इंफ्रा के साथ संयुक्त रूप से दोषी माना गया।
डीटीओ की कार्रवाई और कानूनी आधार
चूरू डीटीओ नरेश कुमार के अनुसार, यह चालान मोटर वाहन अधिनियम की धारा 198ए के तहत बनाया गया। टीम की रिपोर्ट में 25 अलग-अलग सुरक्षा व सुविधा बिंदुओं को चिन्हित किया गया और प्रत्येक बिंदु पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। नरेश कुमार ने पुष्टि की कि चालान नोटिस जारी किया गया है, जबकि दस्तावेजों का अध्ययन जल्द किया जाएगा।
रॉबिन सिंह: जनता की सुरक्षा सर्वोपरि
आरटीओ निरीक्षण टीम का नेतृत्व कर रहे रॉबिन सिंह ने स्पष्ट कहा कि कोई भी कंपनी, चाहे वह निजी हो या टोल ठेकेदार, नियमों की अनदेखी नहीं कर सकती। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान सड़क की स्थिति से लेकर संकेतों तक, कई स्तर पर गंभीर लापरवाही मिली। रॉबिन सिंह ने कहा कि भविष्य में भी टोल प्लाजा और स्टेट हाईवे की नियमित निगरानी होगी और लापरवाही पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।





