झुंझुनूं: चूरू बाईपास स्थित मन्नत मोटर गैराज में आगजनी की सनसनीखेज घटना के मुख्य आरोपी अनिल उर्फ हांडिया को पुलिस ने मोडा पहाड़ के खड्डों से महिला के कपड़ों में छिपा हुआ गिरफ्तार किया। आरोपी ने करोड़ों के नुकसान वाली वारदात को गैंग बनाकर अंजाम दिया था। पुलिस पहले ही दो आरोपियों को पकड़ चुकी है और दो बाल अपचारियों को निरुद्ध किया जा चुका है।
30 नवंबर को आजमनगर निवासी नासिर ने रिपोर्ट दी थी कि 29 नवंबर की रात मन्नत मोटर गैराज में 18 गाड़ियों को पेट्रोल बम फेंककर जला दिया गया। नासिर के अनुसार विनोद कुमावत, सुनिल कुमावत, अनिल कुमावत, निखिल कुमावत, निशांत कुमावत, विपुल इंदौर निवासी, साबीर सलीम लिलगर, रोशन सोती, रीजवान खान उर्फ राजा और अन्य 10–12 युवक गिरोह बनाकर आए और पहले वाहनों के शीशे तोड़े, फिर विस्फोट कर आग लगा दी। इस घटना में वर्कशॉप, मशीनें, जनरेटर सहित लगभग 3 करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ।
घटना की गंभीरता देखते हुए कोतवाली पुलिस ने तुरंत कई टीमें बनाकर झुंझुनूं, बगड़, चिड़ावा, पिलानी, खेतड़ी, नवलगढ़, सीकर और जयपुर में दबिश दी। इस दौरान 500 से अधिक सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले गए।
तलाश के दौरान गुप्त सूचना मिली कि मुख्य आरोपी अनिल उर्फ हांडिया रात के समय अपनी पत्नी से मिलने महिला का भेष बनाकर घर आएगा और फिलहाल मोडा पहाड़ के खड्डों में छिपा है। पुलिस ने पहाड़ी की घेराबंदी कर उसे भागने के प्रयास में दबोच लिया।
टीम ने बताया कि अनिल उर्फ हांडिया पूरी तरह महिला के कपड़ों में था और पुलिस को देखकर भागकर पहाड़ से नीचे कूद गया। पीछा कर उसे पकड़ा गया। पुलिस अब उससे घटना में शामिल अन्य अपराधियों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
अनुसंधान में मुख्य भूमिका निभाने वाली टीम में श्रवण कुमार, वीरेंद्र, संदीप, पुरुषोत्तम, प्रदीप, प्रवीण, रूपेंद्र और चैनाराम शामिल रहे। इसमें प्रवीण का विशेष योगदान बताया गया है।




