पिलानी: साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी को लेकर आयोजित जागरूकता सेमिनार में एसपी कावेन्द्र सिंह सागर ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी। साइबर एक्सपर्ट्स ने डिजिटल अरेस्ट, यूपीआई फ्रॉड, फिशिंग लिंक और सोशल मीडिया हैकिंग से बचने के उपाय बताए।
पिलानी में साइबर क्राइम जागरूकता सेमिनार का आयोजन
पिलानी में शनिवार को साइबर अपराध और ऑनलाइन धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों को लेकर एक दिवसीय जागरूकता सेमिनार आयोजित किया गया। जन कल्याण युवा संस्थान शाखा पिलानी एवं श्रीमती इन्द्रमणि मंडेलिया शिक्षा निकेत के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का आयोजन राजस्थान पुलिस जिला झुंझुनूं के सौजन्य से किया गया।

सेमिनार में जिला पुलिस अधीक्षक झुंझुनूं कावेन्द्र सिंह सागर, आईपीएस मुख्य अतिथि रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता बिरला शिक्षण संस्थान के उपनिदेशक अजय कुमार अग्रवाल ने की। दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इस दौरान डॉ मनोज जांगिड़, डॉ अशोक वर्मा, ईशान मिश्रा, ऋषि राज सिंह राठौड़, अशोक कुमार और पवन जाखोडिया सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

साइबर ठगी को बताया सबसे बड़ी चुनौती, “गलत लिंक पर क्लिक करना पड़ सकता है भारी”
अपने संबोधन में एसपी कावेन्द्र सिंह सागर ने कहा कि डिजिटल इंडिया के इस दौर में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहा है और लोग छोटी-छोटी गलतियों के कारण ठगी का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक गलत लिंक पर क्लिक करना या ओटीपी साझा करना लोगों की जीवनभर की कमाई को मिनटों में खत्म कर सकता है।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि कोई भी बैंक, पुलिस या सरकारी एजेंसी कभी भी फोन पर ओटीपी, एटीएम पिन या बैंकिंग जानकारी नहीं मांगती। ऐसे में लोगों को हर कॉल और मैसेज के प्रति सतर्क रहना चाहिए।

डिजिटल अरेस्ट, केवाईसी और बिजली बिल के नाम पर हो रही ठगी
झुंझुनूं साइबर सेल के विशेषज्ञ अशोक कुमार, गौरव कुमार सैनी और प्रमोद कुमार सैनी ने सेमिनार में साइबर अपराध के आधुनिक तरीकों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ठग फर्जी कॉल कर लोगों को “डिजिटल अरेस्ट”, “केवाईसी अपडेट”, “बिजली बिल बकाया” और “लोन अप्रूवल” जैसे बहानों से डराते हैं।

विशेषज्ञों ने यूपीआई फ्रॉड, फिशिंग लिंक, सेक्सटॉर्शन, सोशल मीडिया हैकिंग, फर्जी फेसबुक अकाउंट और लोन ऐप फ्रॉड जैसे मामलों से बचने के उपाय भी बताए। उन्होंने छात्रों और नागरिकों को सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करने से बचने की सलाह दी।
“गोल्डन ऑवर” में शिकायत करने से बढ़ती है पैसा वापसी की संभावना
राजस्थान हाईकोर्ट जयपुर के सीनियर एडवोकेट ईशान मिश्रा ने कहा कि साइबर ठगी होने के बाद पहला एक घंटा सबसे महत्वपूर्ण होता है, जिसे “गोल्डन ऑवर” कहा जाता है। उन्होंने बताया कि यदि पीड़ित तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करे या www.cybercrime.gov.in
पर शिकायत दर्ज कराए, तो ठगी की रकम वापस मिलने की संभावना 80 प्रतिशत तक बढ़ जाती है।

युवाओं को साइबर सुरक्षा की जानकारी होना जरूरी, 200 से अधिक छात्र-छात्राओं ने लिया भाग
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे अजय अग्रवाल ने कहा कि युवा पीढ़ी सबसे ज्यादा ऑनलाइन सक्रिय रहती है, इसलिए उन्हें साइबर सुरक्षा और डिजिटल जागरूकता की पूरी जानकारी होना बेहद आवश्यक है।

सेमिनार में 200 से अधिक छात्र-छात्राओं, प्राध्यापकों, अधिवक्ताओं और गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया। सवाल-जवाब सत्र में विद्यार्थियों ने साइबर सुरक्षा से जुड़े कई प्रश्न पूछे।

अंत में डॉ मनोज जांगिड़ ने सभी अतिथियों और मीडिया प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ नितिन पाठक ने किया। समारोह में सभी अतिथियों को प्रतीक चिन्ह और शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में डॉ दीप्ति कौशिक, डॉ स्मिताजली मिश्रा, कैलाश सैनी, कैप्टेन बिजेंद्र सिंह, सोनिया मिश्रा, संदीप सैनी, डॉ त्रिवेणी, डॉ सावित्री, प्रवीण पाड़िया, तेजपाल सैनी और नरेंद्र गुर्जर सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।




