सुकमा, छत्तीसगढ़: नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में गोमगुड़ा गांव के समीप जंगल में नक्सलियों ने सुरक्षाबलों के शिविर पर हमला कर दिया। इस हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की स्पेशल यूनिट कोबरा बटालियन संख्या 206 के दो कमांडो घायल हो गए। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नक्सलियों की इस कायरतापूर्ण हरकत का सुरक्षाबलों ने मुंहतोड़ जवाब दिया।
गोमगुड़ा के शिविर पर हमला
गोमगुड़ा गांव, जो सुकमा जिले के धुर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में से एक है, में हाल ही में सुरक्षाबलों ने एक नया शिविर स्थापित किया था। इस शिविर पर सोमवार को नक्सलियों ने अचानक गोलीबारी कर दी। पुलिस ने बताया कि यह शिविर सीआरपीएफ की 241वीं बटालियन का हिस्सा है और चिंतलनार थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है।
सुरक्षाबलों ने हमले के बाद तत्परता से जवाबी कार्रवाई की, जिससे नक्सली भागने को मजबूर हो गए। इस घटना में घायल दोनों कमांडो को तुरंत इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बढ़ाई गई चौकसी
राज्य के नक्सल प्रभावित इलाकों से माओवादियों को पीछे खदेड़ने और उनकी गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए सुरक्षाबलों ने अंदरूनी क्षेत्रों में शिविर स्थापित करना शुरू किया है। हालांकि, नक्सली अक्सर इन शिविरों पर हमला करते रहते हैं, जिससे सुरक्षाबलों की सतर्कता और बढ़ा दी गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में घोषणा की थी कि मार्च 2026 तक देश को नक्सली खतरे से मुक्त कर दिया जाएगा।
कांकेर में 25 लाख के इनामी नक्सली की गिरफ्तारी
नक्सल विरोधी अभियान में सुरक्षाबलों को एक और बड़ी सफलता मिली है। कांकेर जिले में सुरक्षाबलों ने 25 लाख रुपये के इनामी और टॉप नक्सली कमांडर प्रभाकर राव को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। प्रभाकर राव कई राज्यों में वांछित था और उसके खिलाफ गंभीर मामलों में कई वारंट जारी थे।
बस्तर संभाग में नक्सल विरोधी अभियान तेज
अधिकारियों के अनुसार, बस्तर संभाग के सात जिलों में इस वर्ष अब तक कुल 884 नक्सलियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान छेड़ रखा है, जिसमें उनके ठिकानों को ध्वस्त किया जा रहा है और शीर्ष नेतृत्व को गिरफ्तार किया जा रहा है।





