Monday, February 16, 2026
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चिड़ावा में UGC गाइडलाइन के खिलाफ स्वर्ण समाज का प्रदर्शन, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन; केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी

चिड़ावा: शहर में नई यूजीसी गाइडलाइन, उच्च शिक्षा नीति, और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के हालिया दिशा-निर्देशों के विरोध में स्वर्ण समाज ने जोरदार प्रदर्शन किया। कबूतर खाना स्थित पार्क से शुरू हुआ यह पैदल मार्च एसडीएम कार्यालय तक पहुंचा, जहां प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए ज्ञापन सौंपकर गाइडलाइन पर तत्काल रोक लगाने की मांग उठाई। यह मुद्दा अब स्थानीय स्तर पर बड़ा आंदोलन बनता दिख रहा है।

पार्क में जुटे लोग, तख्तियों के साथ निकाला पैदल मार्च

स्वर्ण समाज के लोग निर्धारित कार्यक्रम के तहत पहले कबूतर खाना स्थित पार्क में एकत्रित हुए। यहां यूजीसी गाइडलाइन के विरोध में लिखी तख्तियां हाथों में लेकर सभा की गई। इसके बाद केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शनकारी पैदल मार्च करते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंचे। पूरे रास्ते “नई यूजीसी गाइडलाइन वापस लो” जैसे नारे गूंजते रहे।

एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, गाइडलाइन पर रोक की मांग

एसडीएम कार्यालय पहुंचकर प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन सौंपा, जिसमें नई यूजीसी गाइडलाइन को उच्च शिक्षा व्यवस्था के लिए चिंताजनक बताते हुए इसे तत्काल प्रभाव से रोकने की मांग की गई। ज्ञापन में कहा गया कि विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता, शिक्षकों और विद्यार्थियों के अधिकारों की रक्षा के लिए इन दिशा-निर्देशों की समीक्षा आवश्यक है।

प्रदर्शन में कई गांवों के प्रतिनिधि रहे मौजूद

प्रदर्शन और ज्ञापन कार्यक्रम में क्षेत्र के अनेक सामाजिक प्रतिनिधि शामिल हुए। इनमें समर सिंह किढानिया, कैलाश अरड़ावतिया, नरेंद्र सिंह राठौड़, पवन शर्मा सूरजगढ़, ईश्वर शर्मा चीमा का बास, बालकिशन निर्मल, रविंद्र शर्मा, राजेंद्र डीडवाना, अजीत सिंह शेखावत इस्माइलपुर, राजेंद्र शर्मा इस्माइलपुर, प्रदीप शेखावत चाचीवास, राकेश नरूका बामनवास, शिवकुमार शर्मा भोबिया, गुलजारी लाल शर्मा पूर्व सरपंच बदनगढ़, शंकर लाल दायमा, प्यारेलाल बछुका, पवन लांबीवाला, अशोक शर्मा, नवनीत शर्मा, दीपेंद्र तंवर, अशोक तंवर, रामअवतार शर्मा, प्रदीप प्रजापति, आनंद रादौतिया, राकेश बिका, विक्की दायमा और संत कुमार शर्मा सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि यदि नई यूजीसी गाइडलाइन पर पुनर्विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

चिड़ावा में हुआ यह प्रदर्शन दर्शाता है कि नई यूजीसी गाइडलाइन को लेकर स्वर्ण समाज में गहरा असंतोष है। यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं हुआ तो यह विरोध आगे चलकर बड़े स्तर का शिक्षा आंदोलन बन सकता है। फिलहाल ज्ञापन सौंपकर प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की गई है।

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