चिड़ावा (झुंझुनूं): ताल्लुका विधिक सेवा समिति चिड़ावा की ओर से 13 सितंबर 2025 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन में होगा।
इस संबंध में समिति के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह (अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश चिड़ावा) ने जानकारी दी कि प्री लिटिगेशन के लिए आगामी लोक अदालत के लिए बैंच का गठन किया जाएगा, जिससे आम व्यक्ति को न्याय सुलभ और सुगमता से मिल सके। एडीजे नरेंद्र सिंह एवं एसीजेएम मोहन लाल बेदी द्वारा प्री लिटिगेशन बैंच का गठन किया गया।
त्वरित और सस्ता न्याय दिलाने की योजना
नरेंद्र सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत भारत सरकार और सर्वोच्च न्यायालय की एक कल्याणकारी योजना है। इसका उद्देश्य लोगों को लंबित मामलों का निस्तारण आपसी समझौते और राजीनामे के आधार पर त्वरित रूप से उपलब्ध कराना है। खास बात यह है कि लोक अदालत में पक्षकारों को अधिवक्ता रखने की आवश्यकता नहीं होती। वे स्वयं उपस्थित होकर अपने प्रकरणों का निस्तारण करवा सकते हैं।
भाईचारे और आपसी सुलह को मिलेगा बढ़ावा
लोक अदालत में निस्तारित होने वाले प्रकरणों से पक्षकारों के बीच उपजी कटुता और वैमनस्यता खत्म होती है। इस पहल से भाईचारे और सामाजिक सौहार्द को मजबूती मिलती है।
किन मामलों का होगा निस्तारण?
अध्यक्ष ने बताया कि इस लोक अदालत में दीवानी, फौजदारी, राजस्व और प्री-लिटिगेशन मामलों का निस्तारण किया जाएगा। इसके लिए ताल्लुका मुख्यालय पर स्थित सभी तीन न्यायालयों में विशेष बेंच का गठन किया जाएगा।
जनता से अपील
नरेंद्र सिंह ने क्षेत्र के आमजन से अपील की है कि वे अपने लंबित प्रकरणों को लोक अदालत से पहले समिति में रैफर करवाएं और 13 सितंबर को लोक अदालत का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि यह योजना न्यायपालिका और सरकार की एक कल्याणकारी पहल है, जिससे लोगों को सस्ता और त्वरित न्याय मिलेगा।