चिड़ावा: शहर के वार्ड नंबर 20 स्थित जोशियों की बगीची में मंगलवार को चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दौरान कृष्ण जन्मोत्सव का भव्य आयोजन हुआ। कथा वाचक आचार्य पुष्पराज मिश्र ने जब भगवान कृष्ण के जन्म प्रसंग का वर्णन किया, तो पूरा कथा स्थल “नंद के आनंद भयो” के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालु नाच-गाकर, भजन गाते हुए उत्सव में शामिल हुए और एक-दूसरे को जन्मोत्सव की शुभकामनाएं दीं।
आचार्य पुष्पराज मिश्र ने सुनाया कृष्ण जन्म का भावपूर्ण प्रसंग
कथा वाचक आचार्य पुष्पराज मिश्र ने भावपूर्ण शैली में भगवान कृष्ण के जन्म का विस्तारपूर्वक वर्णन किया। उन्होंने कहा कि जब-जब धर्म पर संकट आया, तब-तब भगवान ने अवतार लेकर अधर्म का नाश किया। कृष्ण अवतार का उद्देश्य कंस के अत्याचारों से पृथ्वी को मुक्ति दिलाना था। आचार्य ने कथा प्रसंगों के माध्यम से भक्तों को धर्म, नीति और भक्ति का संदेश दिया, जिससे उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
भजनों की गूंज से झूम उठा कथा पंडाल
कार्यक्रम के दौरान भजन गायक आशीष शुक्ला और सूरज दुबे ने एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुति दी। “नंद के आनंद भयो” और “यशोदा के लालन की जय” जैसे भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे। पूरा माहौल भक्तिरस से सराबोर हो गया और हर ओर हरि नाम संकीर्तन की ध्वनि गूंजने लगी।
भागवत पूजन और श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़
कथा के दौरान शिवलाल जोशी ने भागवत पूजन किया। इस पावन अवसर पर शिव कुमार जोशी, सुरेश कुमार, हर्ष, सोनू जोशी, गौतम जोशी, मंजू, पिंकी, रेखा, जलिंद्रा, सुजीत सहल समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। शहर और आसपास के गांवों से आए भक्तों ने भक्ति व उल्लास के साथ कृष्ण जन्मोत्सव का आनंद लिया।
धार्मिक उत्साह से सराबोर रहा चिड़ावा
पूरे दिन जोशियों की बगीची में धार्मिक उल्लास का वातावरण बना रहा। भक्तों ने माखन मिश्री का प्रसाद ग्रहण किया और श्रीकृष्ण के जन्म क्षणों का आनंद भावविभोर होकर मनाया। नगर में इस आयोजन को लेकर पूरे क्षेत्र में आस्था और उत्साह का माहौल देखा गया।





