चिड़ावा: शहर में जलापूर्ति, सफाई व्यवस्था, सड़क निर्माण और स्ट्रीट लाइट से जुड़ी समस्याओं को लेकर नगर पालिका के खिलाफ जनता में नाराजगी बढ़ रही है। बजट 2026-27 की बैठक से पहले वार्ड 11 और वार्ड 30 की पार्षदों ने चिड़ावा के अधिशासी अधिकारी सुनील कुमार सैनी को ज्ञापन सौंपकर शहर तथा नव शामिल ग्रामों में बुनियादी सुविधाओं के लिए तत्काल बजट आवंटन की मांग रखी है।
जलापूर्ति व्यवस्था चरमराई, पाइपलाइन बदलने की उठी मांग
ज्ञापन में सरिता भूकर और संतोष भूकर ने शहर में आए दिन बाधित हो रही जलापूर्ति के लिए पुरानी और क्षतिग्रस्त पाइपलाइन को जिम्मेदार बताया। पार्षदों ने कहा कि शहर की गलियों में बार-बार खुदाई से सड़क निर्माण भी रुक रहा है, इसलिए नई सड़कों के निर्माण से पहले पुरानी जल पाइप लाइन को बदलकर स्थायी समाधान किया जाए ताकि लोगों को नियमित पेयजल मिल सके।
चिड़ावा में कचरा प्रबंधन बिगड़ा, डस्टबिन व सफाई पर भी चिंता
दोनों पार्षदों ने बताया कि शहर के कई इलाकों में कचरा उठाव अनियमित है, जिसके कारण जगह-जगह कचरे के ढेर जमा हो रहे हैं। उन्होंने मांग रखी कि सभी कॉलोनियों में डस्टबिन लगाए जाएं और नगरपालिका सफाई व्यवस्था को मजबूत करे ताकि शहर स्वच्छ और स्वस्थ बने।
स्ट्रीट लाइट खराब, अंधेरे में डूबे वार्ड और नव ग्रामीण क्षेत्र
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि चिड़ावा शहर के कई वार्डों में स्ट्रीट लाइट खराब पड़ी हैं, जबकि सेही कलां, अडूका, ओजटू, खेमू की ढाणी और डालमिया की ढाणी जैसे नव शामिल ग्रामों में लाइट तक नहीं लगी है। पार्षदों ने कहा कि अंधेरा होने से महिलाओं और छात्रों को परेशानी होती है, इसलिए तत्काल स्ट्रीट लाइट लगाने और खराब लाइट बदलने की जरूरत है।
बेसहारा पशुओं से बढ़ रहा खतरा, नंदीशाला की मांग तेज
सरिता भूकर ने बताया कि सड़कों पर घूम रहे बेसहारा सांड दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। संतोष भूकर ने कहा कि शहर में अस्थायी नंदीशाला बनाई जाए ताकि पशु कल्याण के साथ जनता की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सके।
बजट बैठक से पहले कार्रवाई की अपील
ज्ञापन में दोनों पार्षदों ने स्पष्ट लिखा कि जलापूर्ति, स्वच्छता, सड़क निर्माण, स्ट्रीट लाइट और बेसहारा पशुओं का प्रबंधन नगर पालिका की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने आग्रह किया कि इन मुद्दों को बजट 2026-27 में शामिल कर तत्काल कार्ययोजना तैयार की जाए और प्रगति रिपोर्ट भी साझा की जाए।





