चिड़ावा: क्षेत्र में साहित्यिक गतिविधियों को गति देते हुए सेही रोड स्थित शिव शक्ति ज्योतिष केंद्र परिसर में कवि नगेंद्र शर्मा निकुंज के निवास पर रविवार को काव्य संगोष्ठी आयोजित हुई। इसमें चिड़ावा और आसपास के रचनाकारों ने कविता, गीत और मुक्तक प्रस्तुत करते हुए शिक्षा, समाज, संस्कृति और मानवीय सरोकारों पर अपनी चिंतनशील आवाज बुलंद की। कार्यक्रम ने स्थानीय साहित्यिक वातावरण को नई ऊर्जा प्रदान की।
संगोष्ठी में रचनाओं की बिखरी चमक
कविता-पाठ के दौरान गीतकार बीएल सावन ने सामाजिक बदलाव और लोकसंस्कृति को केंद्र में रखकर भावपूर्ण प्रस्तुति दी। वहीं सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य शशि शर्मा ने शिक्षा व्यवस्था और समाज की जिम्मेदारियों पर तीखा साहित्यिक दृष्टिकोण रखा। डॉ एलके शर्मा और युवा कवयित्री पूजा शर्मा ने आधुनिक जीवन, पारिवारिक रिश्तों और बदलती संवेदनाओं पर आधारित कविताओं से उपस्थित श्रोताओं में नई सोच जगाई।
साहित्यकारों का संवाद और विचार-विमर्श
कार्यक्रम में रचनाओं के अलावा साहित्यिक चर्चा भी जीवंत रही। आशु स्वामी ने ग्रामीण युवाओं में कविता के प्रति बढ़ते रुझान का उल्लेख किया, वहीं राजकुमार मेघवाल ने साहित्य को समाज का दर्पण बताते हुए ऐसे आयोजनों की आवश्यकता पर बल दिया। जयसिंह झाझड़िया ने मंच से भावनात्मक और प्रेरक अभिव्यक्ति दी, जबकि विनायक भारद्वाज और राकेश देवी ने शब्दों में वर्तमान समय के विरोधाभास और उम्मीदों को रेखांकित किया।
आगे भी जारी रहेगा साहित्यिक सफर
कार्यक्रम के समापन पर क्षेत्र के प्रबुद्धजनों ने भविष्य में भी साहित्यिक बैठकों, कवि गोष्ठियों और सांस्कृतिक आयोजनों को नियमित रूप से आयोजित करने पर सहमति व्यक्त की। इस पहल को स्थानीय कला और साहित्य को मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया।





