चिड़ावा: ब्लॉक के अडूका क्षेत्र में बंदर का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा था, जहां पिछले दो दिनों में एक आक्रामक बंदर ने 10 से अधिक लोगों पर हमला कर ग्रामीणों में भय और अफरा-तफरी का माहौल बना दिया। स्टेशन रोड, आंगनबाड़ी क्षेत्र और आसपास के इलाकों में बंदर के हमलों से महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग घरों से बाहर निकलने में भी डर महसूस कर रहे थे। लगातार बढ़ती घटनाओं के बाद प्रशासन और गोरक्षक टीम की मदद से आखिरकार बंदर को काबू में कर सुरक्षित पहाड़ी क्षेत्र में छोड़ा गया।
चिड़ावा शहर के समीप अडूका क्षेत्र में एक आक्रामक बंदर ने लगातार लोगों को निशाना बनाया, जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों के अनुसार बंदर खासकर स्टेशन रोड और आंगनबाड़ी क्षेत्र के आसपास सक्रिय था और अचानक हमला कर लोगों को घायल कर रहा था।
बंदर के अचानक हमलों के कारण महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों में सबसे ज्यादा डर देखा गया। कई लोग घरों से बाहर निकलने से कतराने लगे थे। बंदर के आतंक ने सामान्य जनजीवन को प्रभावित कर दिया था और लोग लगातार प्रशासन से कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
गोरक्षक अनूप सिंह भाटी ने बताया कि बंदर अब तक करीब 10 से 12 लोगों पर हमला कर चुका था। हमलों में कई ग्रामीण घायल हुए, जिनका स्थानीय स्तर पर उपचार कराया गया। बढ़ती घटनाओं के कारण लोगों में आक्रोश और भय दोनों बढ़ने लगे थे।
सूचना मिलते ही अनूप सिंह भाटी और डॉ. अनुराग सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे, जिसमें अंकित वर्मा, अजय नायक, साहिल सैनी और अर्जुन नायक शामिल रहे। टीम ने पूरी सतर्कता के साथ बंदर को पकड़ने का प्रयास शुरू किया, ताकि किसी अन्य व्यक्ति को नुकसान न पहुंचे।
अंकित वर्मा के अनुसार इससे पहले स्टेशन रोड क्षेत्र में भी बंदर को पकड़ने का प्रयास किया गया था, लेकिन वह टीम को चकमा देकर फरार हो गया था। रेस्क्यू के दौरान कुछ गोरक्षक सदस्यों के घायल होने की भी सूचना सामने आई।
ग्रामीणों की सूचना के बाद ईओ दिनेश नूनिया के निर्देश पर एसआई संदीप लांबा, अनिल चौधरी, विकास लामोरिया, अरविंद दहिया, हरेंद्र, विक्की और आनंद मौके पर पहुंचे। गोरक्षक टीम और नगरपालिका के संयुक्त प्रयासों से काफी मशक्कत के बाद बंदर को सुरक्षित रूप से काबू में कर लिया गया।
कई घंटों की मेहनत के बाद टीमों ने बंदर को पकड़कर सुरक्षित पहाड़ी क्षेत्र में छोड़ दिया, जिससे अडूका और आसपास के इलाकों में राहत का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने प्रशासन और रेस्क्यू टीम की त्वरित कार्रवाई की सराहना की।





