चिड़ावा: चिड़ावा कॉलेज चिड़ावा में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के सात दिवसीय विशेष शिविर के दूसरे दिन योग सत्र ने विद्यार्थियों को मानसिक और शारीरिक संतुलन का संदेश दिया। भागदौड़ भरे आधुनिक जीवन में योग की उपयोगिता को रेखांकित करते हुए प्रशिक्षकों और शिक्षकों ने स्वयंसेवकों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में NSS स्वयंसेवक-स्वयंसेविकाएं उपस्थित रहीं, जिन्होंने योग अभ्यास को अपने दैनिक जीवन से जोड़ने का संकल्प लिया।
योग सत्र में सिखाए गए बहुउपयोगी आसन
राष्ट्रीय सेवा योजना के विशेष शिविर के तहत आयोजित योग सत्र में क्षेत्र के प्रसिद्ध योग प्रशिक्षक रजनीकांत मिश्रा, लोक सेवा ज्ञान मंदिर ट्रस्ट चिड़ावा ने स्वयंसेवकों को ऐसे आसन करवाए, जो दैनिक जीवन में तनाव, थकान और मानसिक अशांति से राहत दिलाने में सहायक हैं। योग अभ्यास के दौरान मिश्रा ने बताया कि नियमित योग न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि एकाग्रता, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच को भी बढ़ाता है।
भागदौड़ भरे जीवन में योग को बताया संजीवनी
योग सत्र को संबोधित करते हुए रजनीकांत मिश्रा ने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं पर पढ़ाई, करियर और सामाजिक दबाव के कारण मानसिक तनाव बढ़ रहा है। ऐसे में योग एक संजीवनी के समान है, जो व्यक्ति को अंदर से मजबूत बनाता है और जीवन में संतुलन स्थापित करता है। उन्होंने स्वयंसेवकों से आह्वान किया कि योग को केवल शिविर तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।

प्राचार्य ने विद्यार्थियों को योग से जुड़ने के लिए किया प्रेरित
कार्यक्रम के दौरान कॉलेज की प्राचार्य डॉ ऋचा कुलश्रेष्ठ ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जिसे अपनाकर विद्यार्थी न केवल शारीरिक रूप से स्वस्थ रह सकते हैं, बल्कि मानसिक रूप से भी सशक्त बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि NSS जैसे मंच विद्यार्थियों में अनुशासन, सेवा भाव और स्वस्थ जीवनशैली विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
NSS इकाई प्रभारियों ने संभाली व्यवस्थाएं
इस योग सत्र की सफल व्यवस्थाओं का दायित्व NSS की दोनों इकाइयों के प्रभारी इतिका जांगिड़ और अभिषेक सैनी ने संभाला। दोनों प्रभारियों के मार्गदर्शन में स्वयंसेवकों ने पूरे अनुशासन और उत्साह के साथ कार्यक्रम में भाग लिया, जिससे शिविर का दूसरा दिन प्रेरणादायक और उपयोगी बन सका।
कार्यक्रम का उद्देश्य
इस योग सत्र का मुख्य उद्देश्य स्वयंसेवकों को स्वस्थ जीवन, मानसिक शांति और आत्मअनुशासन के महत्व से अवगत कराना रहा, ताकि वे समाज में सकारात्मक बदलाव के वाहक बन सकें।





