Friday, February 13, 2026
Homeचिड़ावाचिड़ावा उपजिला अस्पताल विवाद पर पिलानी विधायक का बड़ा बयान—“पत्रकारों से हाथापाई...

चिड़ावा उपजिला अस्पताल विवाद पर पिलानी विधायक का बड़ा बयान—“पत्रकारों से हाथापाई बर्दाश्त नहीं”

चिड़ावा: उपजिला अस्पताल विवाद एक बार फिर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में गर्मा गया है। अस्पताल प्रबंधन और पत्रकारों के बीच हुई तीखी नोकझोंक के बाद पिलानी विधायक पितराम सिंह काला ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि मीडिया कर्मियों के साथ हाथापाई, धमकी और सरकारी कार्य में बाधा जैसी हरकतें किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। झुंझुनूं सांसद बृजेन्द्र ओला की अध्यक्षता में जिला मुख्यालय पर हुई दिशा बैठक में भी इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा की गई, जहां उच्चाधिकारियों को निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए गए। इस पूरे प्रकरण ने चिड़ावा अस्पताल की कार्यप्रणाली, सुविधाओं और बाहरी जांच की अनियमितताओं को फिर सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है।

चिड़ावा उपजिला अस्पताल में पिछले दिनों पत्रकारों और अस्पताल स्टाफ के बीच हुई कहासुनी से शुरू हुआ मामला अब हाथापाई और धमकियों तक पहुंचने के आरोपों में बदल गया है। पिलानी विधायक पितराम सिंह काला ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में पत्रकारों को धमकाना या उनके साथ दुर्व्यवहार बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने यह साफ किया कि राजकार्य में बाधा डालने और बदसलूकी जैसे आरोपों की निष्पक्ष जांच कराना बेहद जरूरी है।

झुंझुनूं सांसद बृजेन्द्र ओला की अध्यक्षता में शुक्रवार को जिला मुख्यालय पर आयोजित दिशा बैठक में इस विवाद पर विशेष रूप से चर्चा हुई। बैठक में मौजूद अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को इस पूरे मामले का पारदर्शी ढंग से संज्ञान लेने और अस्पताल प्रबंधन व मीडिया के बीच तनाव को खत्म करने के लिए निर्देश जारी किए गए। पिलानी विधायक पितराम सिंह काला ने बताया कि उन्होंने बैठकों में यह भी उठाया कि अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं के बावजूद मरीजों को बाहर जांच करवाने भेजा जाना गंभीर संदेह उठाता है और इसकी गहन जांच आवश्यक है।

पिलानी विधायक काला ने कहा कि जब अस्पताल में पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध हैं, तब मरीजों को निजी जांच केंद्रों की ओर क्यों भेजा जा रहा है। उन्होंने इस पर आशंका व्यक्त की कि यदि ऐसा किसी दबाव, सिफारिश या आर्थिक लाभ के उद्देश्य से किया जा रहा है, तो यह प्रदेश के स्वास्थ्य सिस्टम पर बड़ा प्रश्नचिन्ह है। उन्होंने मांग की कि स्वास्थ्य विभाग पूरे मामले की जांच कर तथ्य सामने लाए और जिम्मेदारों पर कार्रवाई करे।

मीडिया के प्रश्नों का उत्तर देते हुए पितराम सिंह काला ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र की आवाज हैं और उन्हें किसी भी प्रकार की धमकी, दबाव या हिंसा का सामना करने की नौबत नहीं आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि चिड़ावा उपजिला अस्पताल में पिछले दिनों जो घटनाएं सामने आई हैं, वे न केवल दुर्भाग्यपूर्ण हैं बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं पर भरोसा भी कमजोर करती हैं।

- Advertisement -
समाचार झुन्झुनू 24 के व्हाट्सअप चैनल से जुड़ने के लिए नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करें
- Advertisemen's -

Advertisement's

spot_img
Slide
previous arrow
next arrow
Shadow
RELATED ARTICLES
- Advertisment -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

- Advertisment -

Recent Comments

error: Content is protected !!