इजराइल: स्वीडिश पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग और 12 अन्य अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को ले जा रही राहत सामग्री युक्त शिप “मैडलीन” को इजरायली डिफेंस फोर्स (IDF) ने इंटरनेशनल वाटर में घेर कर अपने कब्जे में ले लिया है। सभी कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है। शिप गाजा पट्टी के लिए राहत सामग्री लेकर रवाना हुई थी, जिसका संचालन फ्रीडम फ्लोटिला गठबंधन द्वारा किया जा रहा था।
सिसिली से गाजा की ओर निकली थी ‘मैडलीन’
“मैडलीन” नाम की यह शिप रविवार को इटली के सिसिली द्वीप से गाजा के लिए रवाना हुई थी। इसका उद्देश्य गाजा में मानवीय संकट के प्रति वैश्विक जागरूकता बढ़ाना और वहां के नागरिकों को राहत सामग्री पहुंचाना था। शिप में खाद्य सामग्री, दवाइयां और अन्य आवश्यक वस्तुएं मौजूद थीं। हालांकि, रवाना होने से पहले ही इजरायली रक्षा मंत्री इजराइल कैट्ज ने स्पष्ट कर दिया था कि कोई भी जहाज गाजा की नौसैनिक नाकेबंदी को पार नहीं कर सकेगा।

इजरायली सेना की कार्यवाही: रेडियो जाम, ड्रोन हमला और फोन नष्ट
सोमवार को शिप जब गाजा पट्टी के पास अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में पहुंची, तो इजरायली नौसेना ने इसे घेर लिया।
रिपोर्ट्स के अनुसार:
- इजरायली जवानों ने जहाज पर चढ़कर सभी से उनके फोन समुद्र में फेंकने को कहा।
- ड्रोन के माध्यम से जहाज पर सफेद पेंट जैसा पदार्थ गिराया गया।
- शिप का रेडियो जाम कर दिया गया और अजीब आवाजें सुनाई दीं।
- हालांकि शिप के कैप्टन ने पुष्टि की कि किसी को शारीरिक क्षति नहीं हुई है।
ग्रेटा थनबर्ग का वीडियो संदेश: “हमें किडनैप किया जा रहा है”
इजरायली कार्रवाई से कुछ समय पहले ग्रेटा थनबर्ग का एक पूर्व-रिकॉर्डेड वीडियो जारी किया गया, जिसमें उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मदद की अपील की। वीडियो में उन्होंने कहा:
“मेरा नाम ग्रेटा थनबर्ग है और मैं स्वीडन से हूं। अगर आप यह वीडियो देख रहे हैं, तो इसका मतलब है कि हमें इजरायली सेना द्वारा इंटरनेशनल वाटर में रोका गया है और हमें किडनैप किया जा रहा है। मैं अपने दोस्तों, परिवार और नागरिकों से आग्रह करती हूं कि स्वीडिश सरकार पर दबाव बनाएं कि हमें जल्द से जल्द रिहा किया जाए।”
इजरायली विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया: “प्रचार का प्रयास”
इजरायली विदेश मंत्रालय ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर इस घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि शिप को रोका गया है और उसे इजरायली तट की ओर लाया जा रहा है।
पोस्ट में कहा गया:
“यह ‘सेलिब्रिटीज’ की ‘सेल्फी नौका’ है, जिसका उद्देश्य केवल मीडिया प्रचार प्राप्त करना है।”
मंत्रालय ने दावा किया कि गाजा को पर्याप्त मानवीय सहायता पिछले दो हफ्तों में पहले ही पहुंचाई जा चुकी है।

गाजा में बढ़ता मानवीय संकट और भूखमरी का खतरा
गाजा में जारी युद्ध और नाकेबंदी के चलते खाद्य, पानी और दवाइयों की भारी कमी बनी हुई है।
मानवाधिकार संगठनों के अनुसार:
- भूखमरी की स्थिति पैदा हो चुकी है।
- अस्पतालों में आवश्यक दवाइयां नहीं हैं।
- बच्चों और महिलाओं पर इसका सबसे अधिक प्रभाव पड़ रहा है।
पिछले महीने भी फ्रीडम फ्लोटिला की एक अन्य शिप को माल्टा के समुद्री क्षेत्र में ड्रोन से निशाना बनाया गया था, जिससे उसका अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और मिशन विफल रहा।
इजरायली सुरक्षा तर्क बनाम मानवीय सहायता की चुनौती
इजरायल का दावा है कि गाजा के समुद्री रास्ते से हथियारों की तस्करी होती है और नाकेबंदी का उद्देश्य हमास को हथियार मिलने से रोकना है।
वहीं, मानवाधिकार कार्यकर्ता इस तर्क को मानवीय सहायता की अवहेलना बताते हैं और इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन करार देते हैं।




