उदयपुरवाटी: शेखावाटी का प्रसिद्ध धार्मिक स्थल लोहार्गल, जिसे मिनी हरिद्वार कहा जाता है, रविवार को गोगानवमी के पावन अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बन गया। यहां से मालखेत बाबा की ऐतिहासिक 24 कोसीय परिक्रमा विधिवत पूजा-अर्चना और जयकारों के साथ शुरू हुई। आस्था, परंपरा और लोक संस्कृति का यह अनोखा संगम हर साल बड़ी संख्या में भक्तों को आकर्षित करता है।
खाकी अखाड़ा मंदिर से सूर्यकुंड तक शोभायात्रा
लोहार्गल के खाकी अखाड़ा मंदिर में ठाकुर जी को पालकी में विराजमान कर भव्य शोभायात्रा निकाली गई। पालकी को भक्तों ने जयकारों के बीच सूर्यकुंड तक पहुंचाया, जहां पवित्र स्नान और विधिवत पूजा-अर्चना की गई।
सूर्यकुंड में आस्था की डुबकी
स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने सूर्यकुंड में आस्था की डुबकी लगाई। महिलाएं सिर पर गठड़ी और हाथों में लाठी लेकर, भजन गाते हुए और नाचते-गाते आगे बढ़ती नजर आईं। यह दृश्य लोक आस्था और भक्ति का अद्भुत प्रतीक बना।
परिक्रमा का पहला पड़ाव किरोड़ी धाम
परिक्रमा यात्रा का पहला पड़ाव किरोड़ी धाम पर रहा। यहां रात को भजन-कीर्तन और सत्संग का आयोजन हुआ। अगले दिन ठाकुर जी का पुनः स्नान करवा कर पालकी को परिक्रमा की अगली यात्रा के लिए रवाना किया गया।
आस्था और उल्लास का अद्भुत संगम
शेखावाटी क्षेत्र के विभिन्न गांवों और कस्बों से पहुंचे हजारों श्रद्धालु इस ऐतिहासिक यात्रा का हिस्सा बने। लोक धुनों, भक्ति गीतों और जयकारों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया।





