चिड़ावा: क्षेत्र के ग्राम पंचायत खुड़िया को पुनः पंचायत समिति चिड़ावा में शामिल किए जाने के निर्णय से ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई है। पंचायत पुनर्गठन को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन और जिला प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन के बाद सरकार के इस फैसले को जनभावनाओं की जीत के रूप में देखा जा रहा है। निर्णय की सूचना मिलते ही गांव में जश्न का माहौल बन गया और ग्रामीणों ने मिठाइयां बांटकर अपनी प्रसन्नता जाहिर की।
पंचायत पुनर्गठन पर बदला फैसला
राज्य सरकार द्वारा पहले खुड़िया ग्राम पंचायत को पंचायत समिति पिलानी में शामिल करने का निर्णय लिया गया था, जिसका क्षेत्रवासियों ने खुलकर विरोध किया। बुधवार को ग्रामीणों ने संगठित होकर प्रदर्शन किया और जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए प्रशासनिक असुविधा, सामाजिक जुड़ाव और भौगोलिक दूरी को प्रमुख आधार बनाकर अपना पक्ष मजबूती से रखा।
विरोध के बाद दिखा असर, चिड़ावा में ही रहेगा खुड़िया
ग्रामीणों की एकजुटता और लगातार उठाई गई मांगों के बाद प्रशासन स्तर पर पुनर्विचार किया गया। इसके बाद खुड़िया को दोबारा पंचायत समिति चिड़ावा में शामिल किए जाने की सूचना सामने आई, जिसे ग्रामीणों ने राहत और सम्मानजनक निर्णय बताया।
गांव में खुशी, मिठाइयां बांटकर जताया आभार
निर्णय की खबर मिलते ही खुड़िया गांव में उत्साह का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने आपस में मिठाइयां बांटीं और एक-दूसरे को बधाई दी। लोगों का कहना है कि चिड़ावा पंचायत समिति से उनका प्रशासनिक तालमेल, सामाजिक संपर्क और भौगोलिक स्थिति अधिक अनुकूल है, जिसे सरकार ने समय रहते समझा।
राजेश दहिया और सरकार का जताया आभार
इस पूरे घटनाक्रम पर ग्रामीणों ने भाजपा जिला महामंत्री राजेश दहिया और प्रदेश सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार ने जनभावनाओं का सम्मान करते हुए सही निर्णय लिया है, जिससे क्षेत्रीय संतुलन और प्रशासनिक सुविधा बनी रहेगी।
आगे भी जनहित को प्राथमिकता की उम्मीद
ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी पंचायत पुनर्गठन या प्रशासनिक बदलावों में स्थानीय जनता की राय को प्राथमिकता दी जाएगी। उनका मानना है कि इस फैसले से लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास और मजबूत हुआ है।





