Tuesday, February 10, 2026
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खाटूश्यामजी मेले से पहले बवाल: मोदी चौक पर बैरिकेडिंग को लेकर पुलिस-स्थानीयों में धक्का-मुक्की, SHO पर मारपीट का आरोप

खाटूश्यामजी: विश्वप्रसिद्ध फाल्गुनी लक्खी मेला 2026 की तैयारियों के दौरान एक बार फिर खाटू में प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच टकराव की स्थिति बन गई। मोदी चौक मार्ग पर बैरिकेडिंग को लेकर हुआ विवाद अब सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के कारण सुर्खियों में है। वीडियो में खाटू थाना प्रभारी पवन कुमार चौबे पर एक युवक के साथ हाथापाई करने के आरोप लगाए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर नाराजगी बढ़ गई है।

कॉलोनियों का संपर्क टूटा, इसी बात पर भड़का विवाद

स्थानीय लोगों का कहना है कि खाटू मेले की व्यवस्थाओं के नाम पर की जा रही बैरिकेडिंग से आसपास की कॉलोनियों के रास्ते पूरी तरह बंद हो गए हैं। लोगों के अनुसार इससे रोजमर्रा की आवाजाही, आपात सेवाओं और बुजुर्गों को परेशानी हो रही है। इसी मुद्दे को लेकर जब स्थानीय युवकों ने विरोध जताया, तो पुलिस से कहासुनी हो गई, जो बाद में धक्का-मुक्की में बदल गई।

सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है वीडियो

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में दावा किया जा रहा है कि खाटू थाना प्रभारी पवन कुमार चौबे एक युवक के साथ सरेआम मारपीट करते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद यह मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है। हालांकि वीडियो की पुष्टि स्वतंत्र रूप से नहीं की गई है, लेकिन इसे लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश साफ नजर आ रहा है।

स्थिति नियंत्रित करने के लिए हस्तक्षेप जरूरी था

पुलिस प्रशासन का कहना है कि कुछ युवकों ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया और हाथापाई पर उतर आए। पुलिस के अनुसार मेले की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए बैरिकेडिंग की गई थी। हालात बिगड़ते देख पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा, ताकि कानून व्यवस्था प्रभावित न हो।

प्रशासनिक कार्रवाई की मांग तेज

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय नेता मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों से बातचीत की। नेताओं ने पूरे मामले को गंभीर बताते हुए इसे उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने और निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि मेले की आड़ में आम नागरिकों की परेशानियों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए।

श्रद्धालुओं की भीड़ और स्थानीय असंतोष के बीच संतुलन जरूरी

हर साल खाटूश्यामजी मेले में लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं, ऐसे में सुरक्षा और ट्रैफिक मैनेजमेंट प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होता है। लेकिन स्थानीय आबादी की सुविधाओं और अधिकारों को नजरअंदाज करने से टकराव की स्थिति बनना तय माना जा रहा है। फिलहाल प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।

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