उदयपुरवाटी: क्षेत्र के किशोरपुरा गांव में मकर संक्रांति पर भैरुंजी महाराज मेले की धूम कल चरम पर होगी। पहाड़ी पर स्थित ऐतिहासिक मंदिर में इस बार ऊंट दौड़, घोड़ी दौड़, कबड्डी और कुश्ती दंगल जैसी रोमांचक प्रतियोगिताएं युवाओं को आकर्षित करेंगी। आज रात भव्य जागरण से धार्मिक माहौल पूरी तरह रंग जाएगा।
मकर संक्रांति पर किशोरपुरा में भरेगा ऐतिहासिक भैरुंजी मेला
किशोरपुरा गांव की पहाड़ी पर स्थित भैरुंजी महाराज मंदिर परिसर सोमवार को तैयारियों के साथ अंतिम रूप ले चुका है। मीन सेना प्रमुख सुरेश मीणा किशोरपुरा ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी मेले में खेल और सांस्कृतिक आयोजनों को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। सरपंच मोहनलाल सैनी, रामनिवास सैनी और राजेश खटाणा ने कहा कि 14 जनवरी को लगने वाले मेले में हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।
स्पोर्ट्स और कुश्ती दंगल से बढ़ेगा रोमांच, समयबद्ध होंगे कार्यक्रम और प्रतियोगिताएं
आयोजन समिति के अनुसार मेले में प्रतियोगिताओं की शुरुआत सुबह 10 बजे की जाएगी। पहले ऊंची कूद और लंबी कूद होंगी। इसके बाद कबड्डी मुकाबले आयोजित किए जाएंगे, जबकि दोपहर बाद कुश्ती दंगल की शुरुआत होगी। धावन प्रतियोगिताओं में ऊंट दौड़ और घोड़ी दौड़ युवाओं के आकर्षण का केंद्र बनेंगी।
आकर्षक इनाम और दंगल में कड़ा मुकाबला
कुश्ती दंगल में ग्रामीण पहलवानों के लिए 500 रुपये से लेकर 21 हजार रुपये तक की राशि निर्धारित की गई है। विजेताओं को ग्राम पंचायत और भामाशाहों द्वारा पुरस्कृत किया जाएगा, जिससे खिलाड़ियों में प्रतिस्पर्धा और उत्साह बढ़ गया है।

जागरण से जागेगी आस्था
मेले से एक दिन पहले मंगलवार रात को भव्य जागरण का आयोजन होगा। भक्त भैरुंजी महाराज के भजन-कीर्तन में शामिल होकर मंदिर परिसर में पूरी रात आध्यात्मिक माहौल बनाएंगे। आयोजकों ने बताया कि यह परंपरा 554 वर्ष पुराने इस मंदिर के गौरव और आस्था का हिस्सा है, जो आसपास के गांवों को धार्मिक रूप से एक सूत्र में पिरोती है।
सुरक्षा इंतजाम और पार्किंग व्यवस्था
भैरुंजी भक्तों ने सोमवार को मेले की पूरी व्यवस्था का निरीक्षण किया। कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपी गईं, ताकि भीड़ प्रबंधन सुचारू रूप से हो सके। पार्किंग इस बार मंदिर से नीचे पहाड़ी क्षेत्र में की गई है। वहीं सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मियों के साथ स्वयंसेवकों की तैनाती की जाएगी, जिससे मेले में शांति और अनुशासन कायम रहे।
पांच सदी पुराना मंदिर और आस्था का केंद्र
स्थानीय लोगों के अनुसार भैरुंजी महाराज का यह प्राचीन मंदिर लगभग 554 साल पुराना है। उदयपुरवाटी और आस-पास के गांवों के हजारों लोग हर वर्ष यहां मकर संक्रांति पर पहुंचते हैं। माना जाता है कि भैरुंजी महाराज की कृपा से ग्रामीणों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इस बार भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने का अनुमान है।





