उदयपुरवाटी: क्षेत्र के ककराना गांव में रविवार 25 जनवरी को विराट हिंदू सम्मेलन और भगवान देवनारायण जयंती के अवसर पर ऐतिहासिक और भव्य धार्मिक आयोजन होने जा रहा है। पहली बार राजस्व गांव गुलाबपुरा से निकलने वाली कलश यात्रा, समरसता महायज्ञ, संत समागम और हिंदू समाज को एकजुट करने के संकल्प के साथ यह आयोजन क्षेत्रीय आस्था, हिंदू संस्कृति और धार्मिक चेतना को नई ऊर्जा देगा। यह कार्यक्रम धार्मिक पर्यटन, सामाजिक समरसता और हिंदू जागरण के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ककराना ग्राम पंचायत में पहाड़ी पर स्थित भगवान देवनारायण मंदिर पर विराट हिंदू सम्मेलन और भगवान देवनारायण जयंती के अवसर पर अनेक धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। गुरुजी ख्यालीराम गठीला ने बताया कि इस विशेष अवसर पर क्षेत्रभर से श्रद्धालु पहुंचेंगे और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेंगे। आयोजन का उद्देश्य हिंदू संस्कृति का संरक्षण, समाज में एकता को मजबूत करना और धार्मिक मूल्यों को सशक्त बनाना है।
कार्यक्रम के तहत ककराना ग्राम पंचायत में पांच अलग-अलग स्थानों से भव्य कलश यात्राएं निकाली जाएंगी। इन यात्राओं में बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष पारंपरिक वेशभूषा में भाग लेंगे। डीजे की धुन, धार्मिक भजनों और भगवान श्रीराम व भगवान देवनारायण के जयकारों के साथ यात्राएं गांव के प्रमुख मार्गों से गुजरेंगी, जहां जगह-जगह पुष्पवर्षा और स्वागत किया जाएगा।
राजस्व गांव गुलाबपुरा बनाए जाने के बाद पहली बार केडिया वाले बालाजी मंदिर से सुबह 10:15 बजे ऐतिहासिक कलश यात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा धार्मिक उल्लास, सामाजिक सहभागिता और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनेगी। यात्रा गांव के मुख्य मार्गों से गुजरते हुए भगवान देवनारायण मंदिर पहुंचेगी, जहां श्रद्धालुओं के लिए विशेष पूजा-अर्चना की व्यवस्था रहेगी।
कलश यात्रा के बाद दोपहर 12:15 बजे महाआरती, समरसता महायज्ञ और संतों का समागम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में हिंदू समाज को एकजुट रखने, भाईचारा बढ़ाने, सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा करने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया जाएगा। इस अवसर पर श्रद्धालुओं को हिंदू संस्कृति के संरक्षण और सामाजिक जागरूकता की शपथ भी दिलाई जाएगी।
इस विराट आयोजन का मुख्य उद्देश्य हिंदू समाज को जागरूक करना, धार्मिक मूल्यों को मजबूत करना, सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखना है। कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को धर्म, संस्कृति और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी का संदेश दिया जाएगा।





