चूरू: ओपीजेएस ट्रस्ट के चेयरमैन डॉ. अक्षय कुमार शर्मा ने ओपीजेएस विश्वविद्यालय के पूर्व पदाधिकारियों पर धमकियां देने और गलत कार्य करने के लिए दबाव बनाने का गंभीर आरोप लगाया है। इस संबंध में उन्होंने पुलिस प्रशासन से सुरक्षा की मांग की है।
डॉ. अक्षय शर्मा ने 30 दिसंबर को चूरू स्थित ओपीजेएस ट्रस्ट के मुख्य परिसर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि विश्वविद्यालय में पूर्व में फर्जी डिग्री व मार्कशीट छापने के मामले में पूर्व डायरेक्टर सहित कई लोग जेल जा चुके हैं। इसी प्रकरण से जुड़े कुछ पूर्व कर्मचारी और ट्रस्टी—जिनमें पूर्व चेयरमैन डॉ. पवन शर्मा, इंद्र राणा, नरेंद्र त्यागी, अरविंद चौधरी और राकेश सहारण शामिल हैं—उन पर लगातार दबाव बना रहे हैं।
डॉ. शर्मा के अनुसार, इन लोगों ने फर्जी मार्कशीट और डिग्रियों के माध्यम से एजेंटों द्वारा करोड़ों रुपये कमाए हैं। वर्तमान प्रबंधन द्वारा फर्जी डिग्रियों के सत्यापन की प्रक्रिया शुरू किए जाने के बाद ये सभी एकजुट होकर उन्हें धमकियां दे रहे हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान प्रबंधन ओपीजेएस ट्रस्ट और ओपीजेएस विश्वविद्यालय का संचालन पूरी तरह विधिसम्मत तरीके से कर रहा है। पूर्व पदाधिकारी व ट्रस्टियों—जिनमें निर्मल सोनी सहित अन्य शामिल हैं—के विरुद्ध सार्वजनिक सूचना जारी की जा चुकी है, जो विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर भी प्रकाशित है।
डॉ. अक्षय शर्मा ने बताया कि पूरे मामले को लेकर संबंधित थानों और जिला प्रशासन के अधिकारियों को लिखित सूचना दी जा चुकी है तथा सुरक्षा उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व पदाधिकारी विभिन्न माध्यमों से दबाव बनाकर अवैध कार्य करवाने का प्रयास कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि इसी वर्ष मई में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने फर्जी डिग्रियों सहित अन्य अनियमितताओं के चलते चूरू स्थित ओपीजेएस विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रमों में नए प्रवेश पर रोक लगाने के आदेश जारी किए थे। इससे पूर्व 21 जून को भी विभाग द्वारा समस्त पाठ्यक्रमों में नवीन प्रवेश पर रोक लगाई गई थी, हालांकि बाद में हाईकोर्ट जोधपुर के आदेश पर विश्वविद्यालय को पुनः सुनवाई का अवसर दिया गया।





