न्यूयॉर्अ: मेरिका में कुख्यात फाइनेंसर और यौन अपराधी रहे जेफ्री एपस्टीन से जुड़ा मामला एक बार फिर वैश्विक सुर्खियों में है। अमेरिकी न्याय विभाग ने उसकी जांच से जुड़े 30 लाख से अधिक दस्तावेज, 2000 वीडियो और करीब 1,80,000 तस्वीरें सार्वजनिक कर दी हैं। यह रिलीज न केवल न्यायिक प्रक्रिया के लिहाज से अहम मानी जा रही है, बल्कि इसलिए भी क्योंकि एपस्टीन से दुनिया की कई प्रभावशाली हस्तियों के जुड़े होने के आरोप लंबे समय से लगते रहे हैं। इस खुलासे के बाद अमेरिकी राजनीति से लेकर अंतरराष्ट्रीय पावर सर्कल तक हलचल तेज हो गई है।
अमेरिकी न्याय विभाग की ऐतिहासिक दस्तावेज़ रिलीज
अमेरिकी न्याय विभाग ने शुक्रवार को स्थानीय समयानुसार एपस्टीन जांच से जुड़ी अब तक की सबसे बड़ी फाइल रिलीज की। इन सामग्रियों में 30 लाख से ज्यादा पन्ने, 2000 से अधिक वीडियो और 1,80,000 तस्वीरें शामिल हैं। विभाग का कहना है कि यह एपस्टीन केस से जुड़ी आखिरी बड़ी दस्तावेजी रिलीज हो सकती है।
डिप्टी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लेंच का बयान
डिप्टी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लेंच ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह फाइल सेट सैकड़ों वकीलों की हफ्तों की मेहनत का नतीजा है। ब्लेंच के अनुसार, न्याय विभाग ने यह सुनिश्चित किया कि किसी भी पीड़ित की पहचान उजागर न हो, इसलिए संवेदनशील जानकारियों को हटाया गया। उन्होंने बताया कि यह प्रक्रिया कानून में तय 19 दिसंबर की समयसीमा से एक महीने से ज्यादा देर से पूरी हो सकी।
वॉशिंगटन, फ्लोरिडा और न्यूयॉर्क के अभियोजकों की तैनाती
टॉड ब्लेंच ने यह भी स्पष्ट किया कि इस समीक्षा प्रक्रिया में न्याय विभाग के बड़े संसाधन झोंके गए। वॉशिंगटन डी.सी., फ्लोरिडा और न्यूयॉर्क से शीर्ष अभियोजकों को फाइलों की जांच के लिए लगाया गया। इन दस्तावेजों से उन सबूतों की विस्तृत तस्वीर सामने आने की उम्मीद है, जिनके आधार पर जेफ्री एपस्टीन के खिलाफ मुकदमा तैयार किया गया था।
नाबालिगों की सेक्स तस्करी और 2019 की रहस्यमयी मौत
जेफ्री एपस्टीन को 2019 में नाबालिगों की यौन तस्करी के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार किया गया था। उसी साल न्यूयॉर्क की एक जेल में संघीय हिरासत के दौरान उसकी मौत हो गई। आधिकारिक तौर पर इसे आत्महत्या बताया गया, लेकिन उसकी मौत को लेकर आज भी कई सवाल उठते हैं और संदेह बना हुआ है।
‘क्लाइंट फाइल’ को लेकर सबसे बड़ा विवाद
इस पूरे मामले का सबसे संवेदनशील पहलू एपस्टीन की कथित ‘क्लाइंट फाइल’ है। आरोप है कि इस फाइल में दुनिया भर के ताकतवर नेता, बिजनेस टायकून और प्रभावशाली हस्तियों के नाम दर्ज हैं। लंबे समय से यह दावा किया जाता रहा है कि इन नामों को जानबूझकर सार्वजनिक नहीं किया जा रहा।
ट्रंप प्रशासन और एजेंसियों पर आरोप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भी एपस्टीन का दोस्त बताया जाता रहा है, जिस कारण मामला और ज्यादा राजनीतिक हो गया। ट्रंप प्रशासन पर आरोप हैं कि इस क्लाइंट फाइल को दबाया गया। FBI और जस्टिस डिपार्टमेंट पर भी दस्तावेजों को छिपाने के आरोप लगते रहे हैं, जबकि वर्षों से इन फाइलों को सार्वजनिक करने की मांग की जा रही थी।
क्या अब सामने आएंगे बड़े नाम?
हालांकि न्याय विभाग का कहना है कि पीड़ितों की सुरक्षा सर्वोपरि रही, लेकिन इन दस्तावेजों के सार्वजनिक होने के बाद उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में एपस्टीन नेटवर्क से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं। दुनिया भर की नजरें अब इस पर टिकी हैं कि क्या वास्तव में ताकतवर लोगों की भूमिका पर से पर्दा उठेगा।





