Thursday, February 12, 2026
Homeदेशईरान से सुरक्षित लौटे भारतीय: हिंसा, इंटरनेट बंद और आर्थिक तबाही के...

ईरान से सुरक्षित लौटे भारतीय: हिंसा, इंटरनेट बंद और आर्थिक तबाही के बीच भारत का बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन, दिल्ली एयरपोर्ट पर छलकी आपबीती

नई दिल्ली एयरपोर्ट पर राहत और डर—लौटते भारतीयों की जुबानी

नई दिल्ली: एयरपोर्ट पर उतरे भारतीय नागरिकों के चेहरों पर अपने देश लौटने की राहत साफ दिख रही थी, लेकिन ईरान में बिताए डर के पल भी उनकी आंखों में झलक रहे थे। यात्रियों ने बताया कि भारत सरकार और भारतीय दूतावास की सक्रिय भूमिका के कारण ही वे सुरक्षित स्वदेश लौट पाए। कई लोगों ने कहा कि हर गुजरता दिन अनिश्चितता और भय से भरा हुआ था।

“हालात पूरी तरह बेकाबू थे”—प्रदर्शन, इंटरनेट बंद और असुरक्षा

ईरान से लौटे छात्रों और व्यापारियों ने बताया कि पिछले कुछ हफ्तों में स्थिति तेजी से बिगड़ गई थी। इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह बंद कर दी गई थीं, जिससे वे अपने परिवारों को अपनी सुरक्षा की जानकारी तक नहीं दे पा रहे थे। एक छात्र ने बताया कि जब भी वे बाहर निकलते, प्रदर्शनकारी सड़कों पर आ जाते थे और वाहनों को रोक लेते थे, जिससे बाहर निकलना बेहद खतरनाक हो गया था।

ईरान संकट की असली वजह—मुद्रा गिरावट, महंगाई और बेरोजगारी

ईरान में मौजूदा संकट के पीछे गहरे आर्थिक कारण हैं। देश गंभीर मुद्रा संकट से गुजर रहा है। ईरानी रियाल में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई है और एक डॉलर का मूल्य करीब 14.6 लाख रियाल तक पहुंच चुका है। खाद्य वस्तुओं की महंगाई लगभग 80 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जबकि बेरोजगारी रिकॉर्ड स्तर पर है। पानी की भारी किल्लत और लगातार बिजली कटौती ने आम जनता की परेशानी और बढ़ा दी है।

ग्रैंड बाजार से शुरू हुआ आंदोलन, 31 प्रांतों तक फैली आग

28 दिसंबर 2025 को तेहरान के ग्रैंड बाजार से शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन अब पूरे देश में फैल चुका है। यह आंदोलन धीरे-धीरे ईरान के सभी 31 प्रांतों तक पहुंच गया है। कई इलाकों में हिंसक झड़पें, आगजनी और सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे सुरक्षा हालात और ज्यादा संवेदनशील हो गए हैं।

भारत सरकार की तैयारी—एडवाइजरी से लेकर सुरक्षित निकासी तक

भारत सरकार ने हालात बिगड़ने से पहले ही सतर्कता बरतनी शुरू कर दी थी। 5 जनवरी 2026 को पहली यात्रा एडवाइजरी जारी कर भारतीय नागरिकों को ईरान की अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई थी। इसके बाद 14 से 16 जनवरी के बीच तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने छात्रों, व्यापारियों और तीर्थयात्रियों को उपलब्ध उड़ानों या आर्मेनिया के रास्ते सड़क मार्ग से ईरान छोड़ने का निर्देश दिया। दूतावास ने चौबीसों घंटे हेल्पलाइन भी सक्रिय की है, ताकि वहां मौजूद करीब दस से पंद्रह हजार भारतीयों को सहायता मिल सके।

परिवारों के लिए भावुक पल—कई दिनों बाद लौटी खबर

दिल्ली एयरपोर्ट पर अपने परिजनों का इंतजार कर रहे परिवारों के लिए यह पल बेहद भावुक रहा। जम्मू-कश्मीर से आए एक व्यक्ति ने बताया कि ईरान में प्रदर्शन बेहद खतरनाक हो चुके थे और छात्रों को सुरक्षित वापस लाना किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं है। एक अन्य परिवार ने बताया कि तीर्थयात्रा पर गई उनकी रिश्तेदार से तीन दिनों तक कोई संपर्क नहीं हो पाया था, लेकिन भारत सरकार के प्रयासों से वे सुरक्षित लौट आईं।

विदेश मंत्रालय की सलाह—यात्रा टालें, सतर्क रहें

विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि अगले आदेश तक ईरान की यात्रा न करें। जो भारतीय नागरिक अभी भी वहां मौजूद हैं, उन्हें प्रदर्शन स्थलों और संवेदनशील इलाकों से दूर रहने की सलाह दी गई है। मंत्रालय ने भरोसा दिलाया है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

- Advertisement -
समाचार झुन्झुनू 24 के व्हाट्सअप चैनल से जुड़ने के लिए नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करें
- Advertisemen's -

Advertisement's

spot_img
Slide
previous arrow
next arrow
Shadow
RELATED ARTICLES
- Advertisment -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

- Advertisment -

Recent Comments

error: Content is protected !!