सूरजगढ़: ब्लॉक के अगवाना खुर्द में भूगोल व्याख्याता अनिल कुमार के ट्रांसफर को लेकर मकर संक्रांति की छुट्टी पर भी विरोध थमा नहीं। बोर्ड परीक्षा नजदीक होने के बावजूद विद्यार्थी और ग्रामीण स्कूल के बाहर कड़कड़ाती ठंड में चौथे दिन भी धरना देकर स्थानांतरण निरस्त करने की मांग पर अडिग हैं।
शिक्षक अनिल कुमार के ट्रांसफर से नाराज़ ग्रामीणों ने रविवार की छुट्टी में ही स्कूल के बाहर बैठकर प्रशासन को अल्टीमेटम दिया और लगातार धरना शुरू कर दिया। विरोध लगातार बढता गया और सोमवार को धरना स्थल पर विद्यार्थियों की संख्या बढ़ती दिखाई दी।
सोमवार को मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी बसंता देवी, एसीबीईओ अनिल शर्मा, प्रधानाचार्या सैनिकोर और पंचायत प्रतिनिधि चरणसिंह लुणायच मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों व विद्यार्थियों से बात करने की कोशिश की। लेकिन कोई सहमति नहीं बनने पर उन्हें लौटना पड़ा।
मंगलवार को नए अध्यापक अक्षय के स्कूल पहुंचते ही माहौल बिगड़ गया। विद्यार्थी और ग्रामीण उग्र हो गए और नए शिक्षक को ज्वाइन नहीं करने दिया। प्रशासनिक टीम के मौजूद रहने के बावजूद आंदोलनकारियों का रुख नहीं बदला।
शाम लगभग चार बजे सूरजगढ़ एसडीएम दीपक चंदन पहुंचे और विद्यार्थियों से बार-बार समझाइश की। उन्होंने परीक्षा नजदीक होने का हवाला दिया और पढ़ाई प्रभावित नहीं करने की अपील की।
विद्यार्थियों ने साफ कहा कि जब तक अनिल कुमार की वापसी नहीं होती, कोई कक्षा में प्रवेश नहीं करेगा। SDM ने जिला कलेक्टर तक मामला व्यक्तिगत रूप से पहुंचाने का भरोसा दिया, लेकिन आंदोलनकारी अपनी मांग से पीछे नहीं हटे।
ग्रामीणों का कहना है कि बिना कारण बोर्ड परीक्षा के ठीक पहले शिक्षक बदलना छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ है। धरना स्थल पर विद्यार्थियों और अभिभावकों ने एक सुर में कहा कि वे किसी भी स्थिति में आंदोलन खत्म नहीं करेंगे। विरोध के चलते भूगोल की पढ़ाई पूरी तरह बंद है और स्टाफ सदस्य स्कूल परिसर में बेकार समय बिताने को मजबूर हैं।
लगातार चार दिन से चल रहे धरने ने सरकार की स्कूल सुधार योजनाओं पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ नामांकन बढ़ाने और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की बात, दूसरी ओर विद्यार्थियों के विरोध के बावजूद विभागीय चुप्पी—स्थिति ने अभिभावकों को असमंजस में डाल दिया है।
गांव के लोग उम्मीद कर रहे हैं कि जिला प्रशासन जल्द हस्तक्षेप कर समाधान निकालने के लिए मजबूर होगा।





