चिड़ावा: शहर के मुख्य बाजार में 2 अगस्त 2024 की शाम करीब पांच बजे एक महिला से सोने की चेन झपटने की घटना ने इलाके में दहशत फैला दी थी। परिवादिया मंजू नेहरा ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि बांके बिहारी शोरूम के सामने सब्जी खरीदते समय दो युवक बिना नंबर की मोटरसाइकिल पर आए और पीछे से झपट्टा मारकर सोने की चेन तोड़कर फरार हो गए। एक युवक हेलमेट पहने था, जबकि दूसरा बिना हेलमेट के था। इस रिपोर्ट के आधार पर पुलिस थाना चिड़ावा में मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया।
सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों से खुला राज, विशेष टीम का गठन, लगातार की गई निगरानी
पुलिस अधीक्षक बृजेश ज्योति उपाध्याय के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र सिंह राजावत और वृताधिकारी विकास धींधवाल के मार्गदर्शन में थानाधिकारी आशाराम गुर्जर के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।
टीम ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पहले तारिया उर्फ दारासिंह तथा विक्रम सिंह को 9 जनवरी 2025 को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा। जांच में सामने आया कि आरोपी संगठित गैंग बनाकर अंतर्राज्यीय स्तर पर चैन स्नैचिंग की वारदातों को अंजाम देते थे।
24 से अधिक मामले दर्ज, इनामी बदमाश जेल से लाया गया, प्रोडक्शन वारंट पर जिला कारागृह से गिरफ्तारी
प्रकरण में वांछित आरोपी विक्रम उर्फ राजू पर 10 हजार रुपये तथा कर्मवीर पर 2 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। लगातार तलाश के बाद 17 फरवरी 2026 को विक्रम उर्फ राजू को जिला कारागृह झुंझुनूं से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार विक्रम उर्फ राजू के खिलाफ पूर्व में चोरी और लूट के लगभग दो दर्जन प्रकरण दर्ज हैं। आरोपी रसनाली निवासी है और उसकी आयु 20 वर्ष बताई गई है। पुलिस अब उससे गिरोह के अन्य सदस्यों और वारदातों के संबंध में गहन पूछताछ कर रही है।
गठित टीम की भूमिका, टीम ने समन्वित रणनीति से किया खुलासा
इस कार्रवाई में थानाधिकारी आशाराम गुर्जर के साथ औमप्रकाश सिंह, विजयपाल, प्रदीप और अंकित ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस टीम की समन्वित रणनीति और तकनीकी विश्लेषण के कारण अंतर्राज्यीय गैंग का पर्दाफाश संभव हो सका।





