झुंझुनू: बहुचर्चित डेनिश बावरिया हत्याकांड में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। महीनों से गिरफ्तारी से बचते घूम रहे 50-50 हजार के इनामी आरोपी हितेश मील, प्रशांत ऊर्फ पोखर व अजय ऊर्फ संदीप को झुंझुनू पुलिस ने धौलपुर रेलवे स्टेशन से धर दबोचा। पुलिस की लगातार दबिशों से आरोपी ठिकाने छोड़कर ट्रेनों में फटे पुराने कपड़े पहनकर भीख मांगकर फरारी काट रहे थे।
पुलिस को तकनीकी इनपुट और मुखबिर की सूचना मिली कि आरोपी आर्थिक तंगी में हैं और ट्रेनों के जनरल डिब्बों में सफर कर रहे हैं। जानकारी पर कोतवाली पुलिस की टीम कई स्टेशनों पर दबिश देती रही। अंततः धौलपुर रेलवे स्टेशन पर सचखण्ड एक्सप्रेस के जनरल कोच में तीनों को भीख मांगते हुए पहचाना गया और गिरफ्तार किया गया।
20 अक्टूबर 2025 की रात चुरू बाईपास पर डेनिश उर्फ नरेश कुमार, सचिन, दीपचंद उर्फ कालू और राकेश को स्कॉर्पियो में रोककर कैंपर गाड़ियों से टक्कर मारी गई। प्रशांत पोखर, दीपक मालसरिया, मंडीप मदिया, कपिल मेघवाल, सुनिल मेघवाल, हितेश मील, अजय संदीप सहित 10-15 लोगों ने लोहे की पाइपों से हमला कर डेनिश व साथियों का अपहरण कर लिया।
रसोडा गांव में मारपीट के बाद सोने की चेन, अंगूठी और 3 लाख रुपये की नकदी लूट ली गई। घायल डेनिश की इलाज के दौरान जयपुर में मौत हो गई। इसके बाद प्रकरण में हत्या और एससी/एसटी एक्ट की धाराएँ जोड़ी गईं।
इस मर्डर केस में कपिल कुमार कस्वां, राहुल राज, अजय अज्जू, ताराचंद टीसी, पंकज, जितेंद्र जोनी, आदित्य मीणा बुलिया, योगेंद्र विक्की और संदीप चौधरी छोटू को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
गिरफ्तार आरोपी हितेश मील (निवासी बसंत विहार झुंझुनू), प्रशांत उर्फ पोखर (जीत की ढाणी थाना धनूरी) और अजय उर्फ संदीप (पन्ने सिंह की ढाणी ठेलासर, हाल बिसाऊ) पर 50-50 हजार का इनाम घोषित था।
अभियान की कमान कोतवाली थानाधिकारी श्रवण कुमार के नेतृत्व में थी। टीम में वीरेंद्र कुमार, प्रवीण कुमार, संदीप पूनिया, अनिल कुमार, रूपेंद्र ओला, चेनाराम, AGTF झुंझुनू और साईबर सेल शामिल रहे। लगातार दबिशों और सटीक ट्रैकिंग से यह बड़ी सफलता मिली।




