सूरजगढ़: थाना क्षेत्र में अवैध हथियार से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां युवक द्वारा खुद को गोली लगने की घटना को पहले फायरिंग की झूठी कहानी बताकर गुमराह किया गया। गहन पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ कि युवक ने मानसिक तनाव में आत्महत्या का प्रयास करते हुए हथियार लोड किया था, इसी दौरान अचानक फायर हो गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर अवैध देशी कट्टा और 8 जिंदा कारतूस जब्त किए हैं।
गोली लगने की झूठी कहानी से शुरू हुआ मामला
दिनांक 28 दिसंबर 2025 को सूरजगढ़ थाना क्षेत्र के काकोड़ा गांव निवासी अजय उर्फ दीपू ने जीवन ज्योति एम्बुलेंस को कॉल कर सूचना दी कि दो अज्ञात युवकों ने उस पर पिस्टल से फायर कर दिया है। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को सीएचसी सूरजगढ़ लाया गया। उपचार के दौरान भी आरोपी लगातार यही बयान देता रहा कि उस पर दो लड़कों ने गोली चलाई है। बाद में उसे बीडीके अस्पताल झुंझुनूं रेफर किया गया, जहां वह दो दिन तक इलाजरत रहा।
पुलिस जांच में सामने आई चौंकाने वाली सच्चाई
31 दिसंबर 2025 को अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद पुलिस ने जब मामले की गहराई से जांच और पूछताछ की तो पूरी कहानी बदल गई। अजय उर्फ दीपू ने स्वीकार किया कि उसकी एक लड़की से इंस्टाग्राम पर दोस्ती हुई थी, लेकिन बाद में लड़की द्वारा ब्लॉक किए जाने से वह मानसिक रूप से तनावग्रस्त हो गया था। इसी तनाव में उसने आत्महत्या का प्रयास करने का फैसला किया और अपने अवैध हथियार को लोड कर रहा था, तभी अचानक गोली चल गई जो उसके बाएं हाथ में जा लगी।
कुएं के पास छिपाया गया था अवैध हथियार
घटना के बाद आरोपी ने हथियार को एक प्लास्टिक की थैली में डालकर घर के पास स्थित ट्यूबवेल पर बिजली के पोल के पास रखे स्टार्टर के नीचे छिपा दिया था। बाद में दर्द बढ़ने पर उसने एम्बुलेंस को कॉल किया और खुद को गोली मारे जाने की झूठी कहानी पुलिस और डॉक्टरों को बताई। जांच के दौरान आरोपी की निशानदेही पर पुलिस मौके पर पहुंची, जहां से वही देशी कट्टा और 8 जिंदा कारतूस बरामद किए गए, जिनसे फायर किया गया था।
बिना लाइसेंस मिला हथियार, आरोपी गिरफ्तार
पुलिस द्वारा पूछताछ में अजय उर्फ दीपू किसी भी प्रकार का हथियार लाइसेंस या अनुमति पत्र प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद अवैध हथियार और कारतूस जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है और हथियार कहां से आया, इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं, इस संबंध में गहन अनुसंधान जारी है।
पुलिस टीम की सक्रियता से खुला मामला
यह पूरी कार्रवाई चिड़ावा वृत्ताधिकारी विकास धींधवाल के मार्गदर्शन में की गई। सूरजगढ़ थानाधिकारी रणजीत सिंह सेवदा के नेतृत्व में गठित टीम ने सूझबूझ और सतर्कता से जांच कर झूठी कहानी का पर्दाफाश किया और अवैध हथियार बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार किया।





