Monday, September 1, 2025
Homeदेशविधान परिषद में मुख्यमंत्री फडणवीस ने दिखाया कैंटीन स्टाफ को थप्पड़ मारने...

विधान परिषद में मुख्यमंत्री फडणवीस ने दिखाया कैंटीन स्टाफ को थप्पड़ मारने वाले विधायक के आचरण पर सख्त रुख, एकनाथ शिंदे पर बढ़ा दबाव

मुंबई: महाराष्ट्र विधान परिषद की बुधवार की कार्यवाही में उस वक्त हलचल मच गई जब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सत्तारूढ़ गठबंधन के विधायक संजय गायकवाड़ की ओर से कैंटीन कर्मचारी से की गई कथित मारपीट की घटना पर सख्त टिप्पणी करते हुए परिषद अध्यक्ष से उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस बयान के बाद उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं क्योंकि संजय गायकवाड़ शिंदे गुट से ताल्लुक रखते हैं।

दरअसल, यह विवाद तब शुरू हुआ जब गायकवाड़ द्वारा मुंबई के ‘आकाशवाणी एमएलए हॉस्टल’ की कैंटीन में बासी खाना परोसे जाने को लेकर एक कर्मचारी को थप्पड़ मारने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इस वीडियो में वे बिल चुकाने से इनकार करते हुए और बिलिंग काउंटर पर बैठे व्यक्ति को सार्वजनिक रूप से फटकारते हुए नजर आ रहे हैं। यह घटना मंगलवार रात की बताई जा रही है।

विधान परिषद में विपक्षी शिवसेना (यूबीटी) के विधायक अनिल परब ने इस विषय को जोरशोर से उठाते हुए कहा कि सत्ता के नशे में इस तरह का व्यवहार पूरी व्यवस्था की छवि धूमिल करता है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी घटनाओं से मुख्यमंत्री की साख पर भी असर पड़ता है।

जवाब देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि किसी भी विधायक का ऐसा आचरण राज्य की विधायिका की गरिमा के खिलाफ है और इससे आमजन के बीच यह संदेश जाता है कि जनप्रतिनिधि सत्ता का दुरुपयोग कर रहे हैं। उन्होंने परिषद अध्यक्ष राम शिंदे से इस विषय पर संज्ञान लेने और त्वरित कार्रवाई करने की अपील की।

फडणवीस ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि विधायक आवास की कैंटीन को लेकर कोई शिकायत है तो उसे औपचारिक रूप से दर्ज कराकर उसके समाधान की मांग की जा सकती थी। लेकिन मारपीट जैसे कदम न केवल अमर्यादित हैं, बल्कि वे पूरे लोकतंत्र को कलंकित करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार की घटनाओं से विधानसभा और विधान परिषद की गरिमा प्रभावित होती है।

मुख्यमंत्री ने उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर से भी आग्रह किया कि वे इस मामले पर ध्यान दें और आवश्यक कदम उठाएं। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को केवल खानपान तक सीमित न मानते हुए इसे एक गंभीर नैतिक प्रश्न के रूप में देखा जाना चाहिए।

वहीं, विधायक संजय गायकवाड़ ने अपनी सफाई में कहा कि उन्होंने पहले भी कई बार भोजन की गुणवत्ता को लेकर शिकायत की थी और इस बार स्थिति बेहद खराब थी, इसलिए उन्हें विरोध करना पड़ा। उन्होंने कहा कि वे इस विषय को सदन में भी उठाएंगे।

राजनीतिक हलकों में अब यह चर्चा तेज हो गई है कि इस विवाद से शिंदे गुट पर नैतिक दबाव बढ़ेगा और मुख्यमंत्री फडणवीस के स्पष्ट रुख के बाद सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर भी आंतरिक समीकरण प्रभावित हो सकते हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक तापमान और चढ़ने की संभावना है।

- Advertisement -
समाचार झुन्झुनू 24 के व्हाट्सअप चैनल से जुड़ने के लिए नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करें
- Advertisemen's -

Advertisement's

spot_img
Slide
Slide
previous arrow
next arrow
Shadow
RELATED ARTICLES
- Advertisment -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

- Advertisment -

Recent Comments

error: Content is protected !!