Monday, March 16, 2026
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म्यांमार में 5.9 तीव्रता का भूकंप, कोलकाता से ढाका तक कांपी धरती, लोग दहशत में घरों से बाहर निकले

मिडिया रिपोर्ट: मंगलवार को म्यांमार में आए 5.9 तीव्रता के जोरदार भूकंप ने पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी। भूकंप के तेज झटके भारत के कोलकाता, हावड़ा और उत्तर 24 परगना के साथ-साथ बांग्लादेश की राजधानी ढाका और आसपास के इलाकों तक महसूस किए गए। अचानक धरती हिलने से लोग घबराकर अपने घरों, दफ्तरों और इमारतों से बाहर निकल आए। हालांकि अब तक किसी बड़े जान-माल के नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन प्रशासन और आपदा एजेंसियां सतर्क बनी हुई हैं।

म्यांमार में भूकंप का केंद्र और तीव्रता

यूरोपीय-मेडिटेरेनियन सिस्मोलॉजिकल सेंटर के अनुसार, इस भूकंप की तीव्रता 5.9 मापी गई। भूकंप का केंद्र म्यांमार के अक्स्याब यानी सिटवे शहर से करीब 70 मील पूर्व में स्थित था। भूकंप जमीन के भीतर काफी गहराई में आया, इसके बावजूद सतह पर तेज कंपन महसूस किए गए, जिससे आसपास के देशों में भी असर दिखा।

भारत के कोलकाता और आसपास के इलाकों में महसूस हुए झटके

भूकंप के झटके पश्चिम बंगाल के कोलकाता, हावड़ा और उत्तर 24 परगना सहित कई इलाकों में महसूस किए गए। कई लोगों ने बताया कि अचानक इमारतें हिलने लगीं और फर्नीचर तक हिलता नजर आया। झटकों की तीव्रता महसूस होते ही लोग सुरक्षा के लिए घरों और कार्यालयों से बाहर निकल आए, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

बांग्लादेश की राजधानी ढाका में भी दहशत

म्यांमार में आए इस भूकंप का असर बांग्लादेश तक देखा गया। ढाका और उसके आसपास के क्षेत्रों में लोगों ने जमीन हिलती महसूस की। कई इलाकों में लोग डर के कारण घरों से बाहर निकल आए। हालांकि बांग्लादेश प्रशासन की ओर से भी अब तक किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं की गई है।

71 घंटों में म्यांमार में तीसरा भूकंप, वैज्ञानिक सतर्क

यूरोपीय-मेडिटेरेनियन सिस्मोलॉजिकल सेंटर ने बताया कि यह पिछले 71 घंटों यानी लगभग तीन दिनों में म्यांमार में दर्ज किया गया तीसरा भूकंप है। इससे पहले भी हल्के झटके महसूस किए गए थे। लगातार बढ़ रही भूकंपीय गतिविधि को देखते हुए वैज्ञानिक और आपदा प्रबंधन एजेंसियां स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए हैं।

क्यों बार-बार भूकंप की चपेट में रहता है म्यांमार

विशेषज्ञों के अनुसार म्यांमार भूकंप संभावित क्षेत्र में आता है, क्योंकि यह इंडो-ऑस्ट्रेलियन और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों के जंक्शन पर स्थित है। इन प्लेटों के आपसी टकराव और हलचल के कारण यहां भूकंप आते रहते हैं। इसी वजह से म्यांमार और इसके आसपास के देशों में भूकंप का खतरा बना रहता है।

फिलहाल जान-माल के नुकसान की पुष्टि नहीं

म्यांमार, भारत और बांग्लादेश से अब तक किसी बड़े जान-माल के नुकसान की आधिकारिक सूचना सामने नहीं आई है। स्थानीय प्रशासन और आपदा राहत एजेंसियां हालात पर नजर रखे हुए हैं और जरूरत पड़ने पर राहत कार्यों के लिए तैयार हैं।

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