पिलानी: विधानसभा पिलानी विधायक पितराम सिंह काला ने आज राजस्थान विधानसभा में प्रचलित रास्तों को राजस्व रिकॉर्ड में “कटानी रास्ता” के रूप में दर्ज किए जाने को लेकर सरकार से सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि क्या राज्य सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठाने जा रही है और आम जनता के लिए रास्तों की सुविधा सुनिश्चित की जाएगी। राजस्व मंत्री हेमंत मीणा ने उत्तर में कहा कि प्रचलित रास्तों के अंकन के लिए पहले से नियम और दिशा-निर्देश मौजूद हैं, लेकिन कई रास्ते वर्तमान में राजकीय या निजी भूमि से होकर गुजरते हैं। इस पर विधायक संतुष्ट नहीं हुए और शीघ्र कार्रवाई की मांग की।
विधायक पितराम सिंह काला ने उठाया मुद्दा
पितराम सिंह काला ने विधानसभा में सवाल किया कि प्रचलित रास्तों को राजस्व रिकॉर्ड में “कटानी रास्ता” के रूप में दर्ज करने के लिए सरकार का क्या दृष्टिकोण है। उन्होंने स्पष्ट रूप से पूछा कि यदि सरकार ने इस संबंध में निर्णय लिया है, तो इसे कब लागू किया जाएगा और यदि नहीं, तो इसके क्या कारण हैं।
राजस्व मंत्री हेमंत मीणा का जवाब
राजस्व मंत्री हेमंत मीणा ने कहा कि राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम की धारा 132 और भू-राजस्व अभिलेख नियम 1957 के तहत प्रचलित रास्तों का अंकन करने का प्रावधान पहले से मौजूद है। उन्होंने बताया कि कई प्रचलित रास्ते वर्तमान में राजकीय या निजी खाता भूमि से होकर गुजरते हैं, जिनका 75 का अंकन प्रक्रिया बाद में किया जाता है ताकि आमजन के आवागमन में कोई बाधा न आए।
विधायक की असंतोष और कार्रवाई की मांग
मंत्री के जवाब से संतुष्ट न होते हुए पितराम सिंह काला ने सरकार से स्पष्ट जवाब देने की मांग की। उन्होंने कहा कि जनता की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस विषय पर शीघ्र कार्रवाई होना चाहिए। विधानसभा अध्यक्ष द्वारा बार-बार निर्देश देने के बावजूद मंत्री ने सटीक उत्तर नहीं दिया, जिसके बाद अध्यक्ष ने प्रश्न को स्थगित कर दोबारा जवाब दिलाने का निर्देश दिया।





