पिलानी: क्षेत्र में सर्दी के मौसम में जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए मानवीय संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी की मिसाल देखने को मिली, जब धिधुवां बिचला और तिगियास गांव के राजकीय विद्यालयों में अध्ययनरत सभी छात्र-छात्राओं को स्वेटर और जूतों का वितरण किया गया। यह सेवा कार्य पिलानी स्थित कल्पवृक्ष अस्पताल के संचालक डॉ. करण बेनीवाल और स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिता बुडानिया के सहयोग से संपन्न हुआ।
पिलानी क्षेत्र के धिधुवां बिचला स्थित राजकीय विद्यालय और पिलानी तहसील के तिज्ञास गांव के राजकीय विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को सर्दी से बचाव के लिए स्वेटर और चरण पादुकाएं प्रदान की गईं। विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में शिक्षकगण, ग्रामीणजन और अभिभावकों की मौजूदगी रही, जिससे आयोजन का सामाजिक प्रभाव और अधिक मजबूत हुआ।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिवार की ओर से डॉ. करण बेनीवाल और डॉ. अनिता बुडानिया का माला और साफा पहनाकर सम्मान किया गया। बच्चों के चेहरों पर खुशी और आत्मविश्वास स्पष्ट दिखाई दिया, जिससे कार्यक्रम का उद्देश्य सार्थक सिद्ध हुआ।
अपने संबोधन में डॉ. करण बेनीवाल ने कहा कि सेवा कार्य केवल वस्त्र वितरण तक सीमित नहीं होते, बल्कि इससे विद्यार्थियों का आत्मबल बढ़ता है और शिक्षा के प्रति उनकी रुचि को प्रोत्साहन मिलता है। उन्होंने बताया कि इसी भावना के साथ वे हर वर्ष सर्दियों में हजारों स्कूली बच्चों को स्वेटर और जूते वितरित करते हैं, ताकि किसी भी विद्यार्थी को आर्थिक अभाव के कारण पढ़ाई से दूर न रहना पड़े।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानाचार्य दीपचंद लाखवान ने भामाशाहों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के सहयोग से सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों को नई ऊर्जा और आत्मविश्वास मिलता है। उन्होंने बताया कि समाजसेवियों के सहयोग से शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलती है और सकारात्मक सामाजिक संदेश भी जाता है।
इस अवसर पर आकृति बेनीवाल, इंस्पेक्टर अमर सिंह, सूबेदार प्रताप सिंह, सुरेंद्र कुमार, राजेंद्र भास्कर, अतर सिंह काजला, अभिनव राठी, दीपक सैनी, कृष्ण कुमार यादव, मीना सुनिया, नीरू शर्मा, प्रियंका राव, हितेंद्र ओला, प्रेम शर्मा, नीतू, सावित्री, सुभिता, राजेश सहित विद्यालय के शिक्षकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे प्रेरणादायी बताया।
स्वेटर और जूतों के वितरण से न केवल बच्चों को सर्दी से राहत मिली, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण भी बना। यह आयोजन समाजसेवा, स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा के समन्वय का प्रभावी उदाहरण बनकर सामने आया।





