पिलानी: कस्बे में अपर जिला एवं सेशन न्यायालय (ADJ कोर्ट) खोलने की लंबे समय से चली आ रही मांग अब आंदोलनात्मक तेवर में बदलती नजर आ रही है। अधिवक्ता संघ पिलानी ने वर्तमान बजट में ही ADJ कोर्ट की स्वीकृति की मांग को लेकर उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी के नाम ज्ञापन सौंपा। अधिवक्ताओं का कहना है कि न्यायिक भार, भौगोलिक स्थिति और जनसंख्या को देखते हुए पिलानी में ADJ कोर्ट की स्थापना अब अनिवार्य हो चुकी है।
उप मुख्यमंत्री के नाम सौंपा गया ज्ञापन
अधिवक्ता संघ पिलानी की ओर से यह ज्ञापन भाजपा नेता राजेश दहिया और भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राजीव सिंह के माध्यम से उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी तक पहुंचाया गया। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि यदि वर्तमान बजट में पिलानी को ADJ कोर्ट की सौगात नहीं मिली तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
शिक्षा नगरी पिलानी, फिर भी न्यायिक सुविधाओं से वंचित
ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने उल्लेख किया कि पिलानी देश-विदेश में शिक्षा नगरी के रूप में प्रसिद्ध है, लेकिन न्यायिक दृष्टि से अब भी पिछड़ा हुआ है। वर्तमान में यहां ACJM और JM न्यायालय संचालित हैं तथा लगभग 8 बीघा भूमि में न्यायालय परिसर पहले से उपलब्ध है, जिससे नए ADJ कोर्ट की स्थापना में किसी प्रकार की आधारभूत बाधा नहीं है।
बोर्डर एरिया से 80 किलोमीटर दूर चिड़ावा जाना मजबूरी, आमजन परेशान
पिलानी न्याय क्षेत्र में पिलानी, मण्ड्रेला और देवरोड़ थाना क्षेत्र शामिल हैं। इसके साथ ही हरियाणा सीमा से सटे कई गांवों के लोगों को अपने मामलों की सुनवाई के लिए चिड़ावा ADJ कोर्ट तक 50 से 80 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। इससे आमजन को आर्थिक बोझ, समय की बर्बादी और मानसिक परेशानी झेलनी पड़ रही है
1500 से अधिक प्रकरण चिड़ावा ADJ कोर्ट में लंबित
अधिवक्ता संघ ने बताया कि पिलानी क्षेत्र से जुड़े करीब 1500 से अधिक मामले वर्तमान में चिड़ावा ADJ कोर्ट में लंबित हैं। इससे वहां न्यायालय पर अत्यधिक कार्यभार बढ़ गया है और मामलों के निस्तारण में अनावश्यक देरी हो रही है। पिलानी में ADJ कोर्ट खुलने से न केवल न्याय प्रक्रिया तेज होगी बल्कि चिड़ावा न्यायालय का भार भी कम होगा।
हाईकोर्ट की स्वीकृति के बावजूद अब तक इंतजार
ज्ञापन में यह भी रेखांकित किया गया कि पिलानी में ADJ कोर्ट की स्थापना को लेकर राजस्थान उच्च न्यायालय से औपचारिक स्वीकृति पहले ही मिल चुकी है। इसके बावजूद अब तक बजट में घोषणा नहीं होना निराशाजनक है। अधिवक्ताओं ने मांग की कि न्यायहित में सरकार तत्काल निर्णय ले।
अधिवक्ता संघ का एक स्वर में ऐलान – होगा बड़ा आंदोलन
इस अवसर पर रणवीर सिंह खुडानिया, प्रमोद पूनिया, अनिल कालिया, गौरव पूनिया, कृष्ण सिंह बनगोठड़ी, मनोज शर्मा, उम्मेद सिंह, प्रमोद मांजू, विजेंद्र, तेजस्वीनी, राजकुमार, पृथ्वीसिंह बालपोता, विजय सिंह राठौड़ और अनिल महला सहित अनेक अधिवक्ता मौजूद रहे। सभी ने एकमत से कहा कि यदि शीघ्र ADJ कोर्ट नहीं खोला गया तो आंदोलन को और व्यापक स्तर पर ले जाया जाएगा।





