झुंझुनू: राजस्थान कुम्हार-कुमावत महासभा के सदस्यों ने जिला कलक्टर से मुलाकात कर दीपावली के पावन पर्व पर मिट्टी के दीये और सजावटी सामान की बिक्री को बढ़ावा देने की मांग की। महासभा ने आग्रह किया कि माटी कला बोर्ड राजस्थान सरकार द्वारा चलाए जा रहे अभियान के तहत कुम्हारों को नगर निकायों और ग्राम पंचायतों के मुख्य बाजारों में उचित स्थान उपलब्ध करवाया जाए, ताकि वे अपने पारंपरिक उत्पादों की बिक्री बिना किसी असुविधा के कर सकें।
माटी कला को प्रोत्साहन देने की पहल
महासभा ने जिला प्रशासन से अनुरोध किया कि दीपावली पर स्थानीय कुम्हारों और माटी कलाकारों को बढ़ावा दिया जाए, जिससे देशी उत्पादों को प्राथमिकता मिले और चाइनीज सामान के उपयोग में कमी आए। उन्होंने कहा कि मिट्टी के दीये और अन्य हस्तनिर्मित वस्तुएं न केवल पर्यावरण हितैषी हैं बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बनाती हैं।
जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने रखा पक्ष
जिला कलक्टर से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में पूर्व नगर मंडल अध्यक्ष बाबूलाल वर्मा, जिला अध्यक्ष विनोद, युवा मोर्चा अध्यक्ष राजेश वर्मा, महासभा महामंत्री संजय सिंगाठिया, फूलचंद, और रतनलाल शामिल रहे। प्रतिनिधियों ने प्रशासन से आग्रह किया कि दीपावली मेले और बाजारों में मिट्टी के उत्पाद बेचने वालों के लिए जगह तय की जाए और किसी प्रकार की बाधा न आए।
दीपावली पर ‘मिट्टी से जुड़ो’ अभियान को मिले समर्थन
माटी कला बोर्ड राजस्थान की इस पहल का उद्देश्य स्थानीय कारीगरों को आर्थिक सशक्तिकरण देना और पारंपरिक संस्कृति को पुनर्जीवित करना है। इस मौके पर उपस्थित प्रतिनिधियों ने कहा कि जिला प्रशासन के सहयोग से यह अभियान ग्रामीण कलाकारों के जीवन में नया उजाला लेकर आएगा।





