झुंझुनू: जिले में संगठित अपराध पर पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई से जेबीआर ग्रुप को करारा झटका लगा है। लंबे समय से फरार चल रहा गैंग का सरगना हिस्ट्रीशीटर जितेन्द्र सिंह उर्फ जीतु चिराना आखिरकार पुलिस शिकंजे में आ गया। गोठड़ा थाना पुलिस की विशेष टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से देशी कट्टा बरामद किया। क्षेत्र में लगातार बढ़ती आपराधिक घटनाओं के बीच गिरफ्तारी को बड़ी सफलता माना जा रहा है।
फरार चल रहा था हिस्ट्रीशीटर, प्रोडक्शन वारंट पर पकड़ा गया
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गैंग सरगना जितेन्द्र सिंह लंबे समय से फरार चल रहा था। गिरोह के सदस्य भरत सिंह की गिरफ्तारी के बाद उसकी तलाश तेज हुई। पुलिस ने जिला कारागृह झुंझुनू से प्रोडक्शन वारंट पर आरोपी को हासिल कर 12 जनवरी 2026 को मुकदमे में औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसके कब्जे से एक देशी कट्टा बरामद किया गया। टीम आरोपी से अवैध हथियारों की आपूर्ति श्रृंखला समेत अन्य गैंग कनेक्शन पर पूछताछ कर रही है।
पहले भरत सिंह से मिले थे जिंदा कारतूस
पुलिस मुख्यालय द्वारा संगठित अपराध के खिलाफ संचालनरत विशेष अभियान के दौरान 14 अक्टूबर 2025 को मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई की गई। पुलिस की टीम ने बागोरिया की ढाणी निवासी भरत सिंह को दो जिंदा कारतूस सहित पकड़ा था। भरत सिंह जेबीआर ग्रुप का सक्रिय सदस्य बताया गया और उसी के आधार पर सरगना जितु चिराना तक पुलिस पहुंच सकी।
कौन है गिरफ्त में आया आरोपी जितु चिराना
रामरायका की ढाणी का निवासी 27 वर्षीय जितेन्द्र सिंह उर्फ जितु चिराना पुलिस रिकॉर्ड में एक कुख्यात हिस्ट्रीशीटर के रूप में दर्ज है। वह जेबीआर ग्रुप का मुख्य ऑपरेटर माना जा रहा है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी को पूरे गिरोह के नेटवर्क पर करारी चोट मान रही है।
16 मुकदमे दर्ज, गंभीर धाराओं वाला आपराधिक रिकॉर्ड
जितु चिराना के खिलाफ विभिन्न थाना क्षेत्रों में 16 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। इन मामलों में लूट, अपहरण, मारपीट, गैंग ऐक्टिविटी, आर्म्स एक्ट उल्लंघन, इंटरनेट एक्ट और सड़क दुर्घटना से मौत तक के प्रकरण शामिल हैं। पुलिस के अनुसार जेबीआर ग्रुप क्षेत्र में हथियार सप्लाई, गैंग टकराव और संगठित लूट में सक्रिय रहा है।
संगठित अपराध पर प्रहार में बड़ी सफलता
गोठड़ा थाना पुलिस ने जिला एसपी बृजेश ज्योति उपाध्याय के निर्देशन में कार्रवाई को अंजाम दिया। टीम का नेतृत्व थाना प्रभारी धर्मेन्द्र कुमार मीणा ने संभाला। रामचन्द्र, दिनेश कुमार, राजेश कुमार और जयप्रकाश शामिल रहे। टीम कई दिनों से आरोपी की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थी।
आगे क्या—पूरी गैंग पर कसेगा शिकंजा
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपी से हथियार सप्लाई चेन, गिरोह के अन्य सदस्य, और स्लीपर नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी है। अधिकारियों के अनुसार आने वाले दिनों में गिरोह के अन्य सदस्यों पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।





