चिड़ावा: नगर की शिवाजी बस्ती में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन के उपलक्ष में धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक एकजुटता का भव्य प्रदर्शन देखने को मिला। गोगा जी की ढाणी और मोहनका की ढाणी से निकली विशाल कलश यात्रा कृष्णा ग्रेटर फार्म हाउस पर संपन्न हुई, जिसमें 250 से अधिक मातृशक्ति ने पारंपरिक वेशभूषा में नाचते-गाते हुए उत्साहपूर्वक भाग लेकर आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। यह कलश यात्रा न केवल धार्मिक आयोजन रही, बल्कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक चेतना का सशक्त प्रतीक भी बनी।
विराट हिंदू सम्मेलन के तहत गोगा जी की ढाणी और मोहनका की ढाणी से भव्य कलश यात्रा का शुभारंभ हुआ। ढोल-नगाड़ों, धार्मिक जयकारों और पारंपरिक गीतों के बीच मातृशक्ति ने पूरे जोश और श्रद्धा के साथ यात्रा में सहभागिता निभाई। यात्रा मार्ग पर ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर कलश यात्रा का स्वागत किया, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्सव का माहौल बन गया।
इस कलश यात्रा की विशेष पहचान रही मातृशक्ति की व्यापक भागीदारी। 250 से अधिक महिलाओं ने पारंपरिक परिधान में नृत्य करते हुए धार्मिक उल्लास के साथ यात्रा को आगे बढ़ाया। उनकी सामूहिक सहभागिता ने नारी शक्ति, सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक चेतना का प्रभावशाली संदेश समाज तक पहुंचाया।
कलश यात्रा का समापन कृष्णा ग्रेटर फार्म हाउस पर विधिवत रूप से किया गया। यहां धार्मिक अनुष्ठानों के साथ यात्रा की पूर्णाहुति हुई। आयोजन स्थल पर मौजूद श्रद्धालुओं ने इसे क्षेत्र की धार्मिक और सामाजिक एकता का प्रतीक बताया।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में संतोष कुमार सैनी, कुलदीप कटारिया, शंकर लाल भारतीय, मूलचंद सांखला, धर्मपाल कटारिया, मनोज कटारिया, ओमप्रकाश गोरीवन, लीलाधर सांखला, बाबूलाल ट्रेलर, बनवारी लाल सैनी, संदीप गुर्जर, ताराचंद सांखला, मनोज स्वामी, राम सिंह सेठ और शीशराम गोरिवान सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भूमिका निभाई। सभी सहयोगियों के समर्पण और सामूहिक प्रयास से यह आयोजन सुव्यवस्थित और सफल रहा।
विराट हिंदू सम्मेलन के अंतर्गत आयोजित यह कलश यात्रा धार्मिक आयोजन से आगे बढ़कर सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक एकता और सामूहिक सहभागिता का मजबूत संदेश देती नजर आई। आयोजकों ने मातृशक्ति और सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजनों की निरंतरता बनाए रखने की बात कही।





