Wednesday, March 11, 2026
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केंद्र की ग्रामीण योजनाओं में झुंझुनूं की मजबूत दस्तक —पिलानी के डॉ पवन चौधरी दिशा कमेटी में बने सदस्य

पिलानी: कस्बे के निवासी डॉक्टर पवन चौधरी को ग्रामीण विकास मंत्रालय की राज्य स्तरीय DISHA समिति में गैर सरकारी सदस्य नियुक्त किया गया है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली इस उच्च स्तरीय समिति में जगह मिलना जिले के लिए गर्व का क्षण माना जा रहा है और इससे केंद्र सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में स्थानीय भागीदारी और बढ़ेगी।

केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय की DISHA समिति में पिलानी का प्रतिनिधित्व

केंद्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा गठित राज्य विकास समन्वय और निगरानी समिति–दिशा में पिलानी निवासी डॉक्टर पवन चौधरी को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। दिशा के केंद्रीय सचिव पियूष राजन ने आदेश जारी करते हुए चौधरी को राज्य स्तरीय गैर सरकारी सदस्य के रूप में नियुक्त किया। पूरे राजस्थान से केवल छह गैर सरकारी सदस्यों को चयनित किया गया, जिनमें झुंझुनूं जिले से केवल एक नाम शामिल हुआ।

2016 में गठित समिति का उद्देश्य और भूमिका

ग्रामीण विकास मंत्रालय ने वर्ष 2016 में DISHA कमेटी का गठन किया था। इसका मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार की योजनाओं के सही, पारदर्शी और प्रभावी क्रियान्वयन की निगरानी करना है। समिति नियमित समीक्षा बैठकों के माध्यम से योजना कार्यान्वयन की प्रगति मापती है और विभागीय समन्वय मजबूत करती है, जिससे जनता तक लाभ तेजी से पहुंचे।

89 योजनाओं, 29 विभागों और 42+ केंद्र प्रोग्राम की निगरानी

दिशा समिति प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा और राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम जैसी ग्रामीण योजनाओं से लेकर सामाजिक सुरक्षा मिशनों की समीक्षा करती है। इसी समिति के दायरे में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, स्वच्छ भारत, जल जीवन मिशन और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं आती हैं। पारदर्शिता, जवाबदेही और शिकायत निस्तारण इस समिति के प्रमुख उद्देश्यों में से हैं।

जमीनी काम और विज़न ने दिलाई जगह

पिलानी में सामाजिक और जनसेवा कार्यों से पहचान बनाने वाले डॉक्टर पवन चौधरी को यह जिम्मेदारी उनके मजबूत किए गए नेटवर्क, स्थानीय मुद्दों की गहरी समझ और व्यवहारिक नेतृत्व के कारण मिली है। सीमित संसाधनों में समाधान निकालने और समयबद्ध कार्य पूरा करने की उनकी क्षमता को राज्य स्तर पर सराहा गया है।

जन-सम्पर्क और समावेशी नेतृत्व शैली रही प्रभावशाली

ग्रामीण इलाकों की आवश्यकताओं को समझते हुए योजनाओं को स्थानीय जरूरतों से जोड़ना, महिलाओं के लिए अवसर बढ़ाना, युवाओं से संवाद करना और बुनियादी सुविधाओं पर फोकस उनकी कार्यशैली का हिस्सा रहा है। उनका नेतृत्व लोगों से जुड़े फैसलों और संस्थागत मजबूती पर आधारित साबित हुआ है।

राजस्थान और झुंझुनूं के लिए अवसर

स्थानीय नेतृत्व को राज्य स्तरीय मंच पर प्रतिनिधित्व मिलने के बाद जिले की कई सरकारी योजनाओं की प्रगति में गति आने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि दिशा समिति में चौधरी की उपस्थिति से सरकारी योजनाओं की निगरानी जमीनी स्तर पर और परिणामकारी हो सकती है।

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