नई दिल्ली: कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने अमेरिका के प्रतिष्ठित एस्पेन सिक्योरिटी फोरम में भाग लेते हुए भारत की विदेश नीति, भू-राजनीतिक स्थिति और वैश्विक शांति में भारत की भूमिका को मजबूती से प्रस्तुत किया। इस अवसर पर उन्होंने न सिर्फ दक्षिण एशिया में भारत की स्थिरता की भूमिका को रेखांकित किया, बल्कि पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद, सीमा पार हिंसा और वैश्विक सुरक्षा जैसे विषयों पर भी अपनी बात को स्पष्ट रूप से रखा।
फोरम में पायलट ने कहा कि भारत आज सिर्फ एक क्षेत्रीय शक्ति नहीं, बल्कि वैश्विक स्थिरता का एक निर्णायक स्तंभ बन चुका है। उन्होंने भारत की रणनीतिक सोच पर चर्चा करते हुए बताया कि भारत ने हमेशा शांति को प्राथमिकता दी है, लेकिन जब भी आवश्यकता पड़ी है, उसने मजबूती के साथ आतंकवाद का सामना भी किया है। उनका कहना था कि भारत की रणनीति आक्रामक नहीं, बल्कि संतुलित और निर्णायक है जो अंतरराष्ट्रीय समुदाय को स्थायित्व और सुरक्षा का भरोसा देती है।
इस वैश्विक मंच पर उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत का दृष्टिकोण केवल अपनी सीमाओं की सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि वह वैश्विक भागीदारी के लिए भी पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आतंकवाद से मुकाबले में भारत ने न केवल सैन्य मोर्चे पर, बल्कि कूटनीतिक और रणनीतिक मोर्चों पर भी प्रभावी कदम उठाए हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत, विश्व शांति के लिए नीतिगत स्पष्टता और मजबूत नेतृत्व का उदाहरण बन रहा है।
एस्पेन सिक्योरिटी फोरम में भारत की बढ़ती रणनीतिक जिम्मेदारियों पर भी गंभीर विमर्श हुआ। इसमें भारत की भूमिका को भविष्य में वैश्विक शक्ति संतुलन का निर्धारण करने वाली शक्ति के रूप में देखा गया। पायलट ने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में भारत, विश्व शांति और सुरक्षा के लिए अग्रणी राष्ट्रों में शामिल होगा।
इस मंच पर भारत की विदेश नीति को अंतरराष्ट्रीय समुदाय के समक्ष प्रभावी तरीके से रखने का यह एक अहम अवसर साबित हुआ। सचिन पायलट की मौजूदगी और उनका दृष्टिकोण भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि को और मजबूत करने वाला कदम माना जा रहा है।